विवाहिता को जलाकर मारने के मामले में कोर्ट का फैसला
अपर सत्र न्यायाधीश दशम वीरेंद्र कुमार पांडेय ने विवाहिता की दहेज के लिए हत्या में नामजद पति और सास को दोषी करार देते हुए 10-10 साल कैद और आठ-आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माने की आधी रकम बतौर मुआवजा पीड़ित को देने का आदेश भी दिया है।
दहेज हत्या का मामला कस्बा उझानी में दो जनवरी 2012 को मोहल्ला कृष्णा कॉलोनी में हुआ था। बरेली के थाना भुता के गांव खजुरिया संपत निवासी रामा देवी पत्नी महेश चंद्र शर्मा ने तीन जनवरी 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी पुत्री वंदना की शादी जितेंद्र शर्मा पुत्र देवेंद्र नाथ के साथ की थी। वंदना के ससुराली दहेज में बाइक की मांग कर रहे थे। साथ ही वादिनी के नाम की जमीन अपने नाम कराना चाहते थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने वंदना को जिंदा जलाकर मार दिया। विद्वान न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार पांडेय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी रामेश्वरी और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद दहेज हत्या में नामजद वंदना के पति जितेंद्र शर्मा और सास सुशीला देवी को दोषी करार दिया। दोनों को 10-10 साल कैद और आठ-आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।