बिनावर थाने के दरोगा सर्वेश यादव की हत्या के मामले में ऋषिपाल नाम के बदमाश की पहचान को लेकर पुलिस उलझ गई है। मुठभेड़ में घायल हुए कल्लू यादव ने अपने दो अन्य साथियों के नाम नन्हे और ऋषिपाल बताए थे। नन्हे यादव ने शनिवार को स्पेशल जज डकैती विकास कुमार के कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अब पुलिस के सामने ऋषिपाल की गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई है।
बिनावर थाने के गांव घट बहेटी मेें 22 जून की रात पुलिस मुठभेड़ में दरोगा सर्वेश यादव शहीद हो गए थे। घायल बदमाश कल्लू को पुलिस ने दबोच लिया। दो बदमाश भाग निकले थे। कल्लू ने अपने फरार साथियों के नाम नन्हे यादव पुत्र रामविलास निवासी रसूलपुर थाना बिनावर और ऋषिपाल पुत्र होरी लाल निवासी गांव सदरापुर थाना फरीदपुर जिला बरेली बताए थे। रविवार को बरेली के एक अस्पताल में कल्लू यादव की भी मौत हो गई। सरेंडर करने के बाद नन्हे जेल जा चुका है। इधर, फरीदपुर के गांव सदरापुर में ऋषिपाल पुत्र होरी लाल नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता है। ऐसे में पुलिस ऋषिपाल की पहचान को लेकर उलझ गई है। पुलिस के सामने ऋषिपाल को खोजना चुनौती हो गई है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जो नाम कल्लू ने पुलिस को बताए वह सही हैं या नहीं।