गले में डाला फंदा, तो अफसरों के हाथ-पांव फूले
जमीन के एक मामले में तहसीलदार के आदेश से था क्षुब्ध
तहसीलदार आवास पर गुरुवार को करीब तीन घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। यहां अमर सिंह नाम का एक युवक पेड़ पर चढ़ गया। गले में रस्सी का फंदा डालकर खुदकुशी की धमकी देने लगा। उसने जमीन के एक मामले में तहसीलदार महेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। बाद में अमर सिंह एडीएम प्रशासन एके श्रीवास्तव के आश्वासन पर पेड़ से उतर आया। इस दौरान यहां काफी भीड़ जमा हो गई। इस बीच अधिकारियों के हाथ-पांव भी फूले रहे। बाद में अमर सिंह के खिलाफ तहसीलदार कोर्ट से हुए आदेश को निरस्त कर दिया गया है। अब इस पर फिर से सुनवाई होगी।
संभल की गुन्नौर तहसील के गांव भागनगर निवासी अमर सिंह की शादी बिसौली तहसील के गांव अलीनगर निवासी रामपाल की बेटी सर्वेशा देवी से हुई है। पत्नी सर्वेशा ने अपने चाचा नेकसे से करीब चार साल पहले तीन बीघा जमीन अलीनगर गांव में खरीदी थी। बैनामे के आधार पर सर्वेशा की ओर से तहसीलदार बिसौली के कोर्ट में जमीन के दाखिल-खारिज के लिए दरखास्त दी गई। इस दरखास्त पर सर्वेशा के पिता रामपाल ने आपत्ति लगा दी थी। रामपाल ने दावा किया था कि यह जमीन विरासत की है। इसका बैनामा गलत तरीके से किया गया है। नियमानुसार जमीन विरासतन उनके नाम आनी चाहिए।
इस मामले में सुनवाई तहसीलदार बिसौली महेंद्र सिंह कर रहे थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद 19 मार्च को तहसीलदार ने आदेश रामपाल के पक्ष में करते हुए सर्वेशा देवी का बैनामा खारिज कर दिया। जमीन विरासत में रामपाल के नाम दर्ज हो गई। अमर सिंह इससे क्षुब्ध था। गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे अमर सिंह रस्सी लेकर तहसीलदार आवास में एक पेड़ पर चढ़ गया। गले में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी करने की धमकी देने लगा। खबर मिलने पर एडीएम प्रशासन एके श्रीवास्तव भी बिसौली पहुंच गए। उन्होंने अमर सिंह को कार्रवाई का भरोसा दिया, तो वह करीब साढ़े पाचं बजे पेड़ से उतरा। एडीएम ने तहसीलदार के आदेश को निरस्त कर दिया है। मामले में अब फिर से सुनवाई होगी।
----
यह न्यायिक प्रक्रिया है। पूर्व में किए गए तहसीलदार के आदेश को निरस्त कर दिया गया है। इस पर फिर से सुनवाई होगी। इसके बाद भी अगर अमर सिंह संतुष्ट नहीं होता है, तो वह एसडीएम कोर्ट में आदेश को चुनौती दे सकता है।
-एके श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन
...सांसद और डीएम को बुलाओ, तब उतरूंगा
बिसौली। तहसील परिसर में पेड़ पर चढ़े अमर सिंह ने तहसीलदार महेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। घटना के वक्त तहसीलदार बदायूं में चल रही एक बैठक में थे। सीओ बिसौली राजवीर सिंह तहसील पहुंचे। उन्होंने अमर सिंह को समझा-बुझा कर नीचे उतरने को कहा, तो वह अड़ गया, बोला...पहले सांसद और डीएम को बुलाओ तब नीचे उतरूगां।
अमर सिंह ने तहसीलदार पर आरोप लगाया कि उन्होंने रामपाल से रिश्वत लेकर उसके पक्ष के आदेश किया है। उससे भी रिश्वत मांगी गई थी। अमर सिंह के इस ड्रामे की खबर मुख्यालय पहुंची, तो एडीएम प्रशासन एके श्रीवास्तव, एसडीएम बिसौली गुलाब चंद्र और तहसीलदार महेंद्र सिंह बिसौली पहुंच गए। एडीएम ने जब उसे आदेश निरस्त करने का भरोसा देकर फिर से सुनवाई की बात कही, तब वह नीचे उतरा।
------
अगर अमर सिंह आदेश से संतुष्ट नहीं था, तो वह एसडीएम कोर्ट में अपील कर सकता था। उसने जो भी आरोप लगाए हैं वह निराधार हैं। आदेश तथ्यों पर ही किया गया था। एडीएम ने आदेश निरस्त कर दिया है। इस पर सुनवाई अब 11 अप्रैल को होगी।
-महेंद्र सिंह, तहसीलदार बिसौली