पुलिस ने हाईवे पर अंतर राज्यीय लूट गैंग के 10 बदमाशों को धर दबोचा है। यह गैंग यूपी के साथ राजस्थान, हरियाणा में भी लूट व डकैती की वारदात को अंजाम देता था। इनके पास से एक डीसीएम, कार और बैट्र्ी और असलहे भी बरामद हुए हैं। गिरोह के सभी बदमाश प्रदेश के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं। बरामदों ने डीसीएम और बैट्री कन्नौज के सौरिख में लूटा था।
कन्नौज और फर्रुखाबाद में हुई लूट की घटनाओं के बाद हाईवे पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार रात सर्विलांस टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित, छिबरामऊ कोतवाल संतोष कुमार व्यास और सदर कोतवाली के एसएसआई राजकुमार सिंह पूरी टीम के साथ जीटी रोड पर चेकिंग कर रहे थे। जीटी रोड पर प्रेमपुर के पास कानपुर की ओर से आ रही डीसीएम को रुकने का इशारा किया। इस पर चालक ने गति बढ़ा दी। पुलिस ने शक के आधार पर पीछा कर कुछ दूर पर डीसीएम को रोक लिया। इसमें आठ लोग सवार थे। डीसीएम को कब्जे में लेते ही पीछे आई कार सवार के चालक ने बैक कर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने कार सवार दो को धर दबोचा, जबकि दो भाग निकले। तलाशी में डीसीएम में 191 बैट्रियां और गैस कटर, हथौड़ा, पाइप बरामद हुआ। पूछताछ में यह सभी सामान चोरी का निकला। जांच पड़ताल में पकड़े गए लोगों की तस्दीक शातिर लुटेरों के गैंग की तौर पर हुई। गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए एसपी हरीश चंदर ने बताया कि पकड़े गए गिरोह का सरगना बदायूं जिले के दातागंज थाना क्षेत्र के चंदोका गांव का प्रधान रमेश कुमार है। अन्य बदमाशों में फिरोजाबाद जिले के जलेसर निवासी खेमा, जलेसर के इस्लमा नगर निवासी वसीम, मैनपुरी के अजीतगंज निवासी ऋषि, शाहजहांपुर के परवाखेड़ा इस्लामनगर निवासी साजिद उर्फ कालू, बुलंदशहर के दौलतपुर निवासी धर्मवीर, अलीगढ़ के देहली गेट थाना क्षेत्र के निवरी अहिलादपुर निवासी कमरुद्वीन एवं दिलशाद उर्फ कालिया, एटा, जलेसर थाना क्षेत्र के नगला रामबख्श निवासी संजीव कुमार, बरेली के पूर्वी फतेहगंज थाना क्षेत्र के नगरिया कला समझा निवासी फरियाद उर्फ फरीद, शामिल हैं।
एसपी ने बताया कि रमेश ने चार बड़ी वारदातों को कबूल किया है। जबकि गैंग ने राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लूटपाट की वारदातों को स्वीकार किया है। यह लोग बैट्री लादकर जा रहे ट्रकों को ज्यादातर अपना निशाना बनाते थे। इसके अलावा सराफा दुकानों व पूंजीपतियों के घर डकैती डालते हैं। गैस कटर से तिजोरी काटते हैं। जेवर, रुपये समेटने के बाद तिजोरी को नदी और नहरों में फेंक देते थे। राजस्थान के अलवर के थाना रणी पुलिस ने रमेश कुमार की गिरफ्तारी पर पांच हजार का इनाम भी घोषित कर रखा है। पुलिस टीमों को चकमा देकर फरार हुए अकील उर्फ रफीक पुत्र अब्दुल सत्तार निवासी शिवपुरी थाना इगलास अलीगढ़ और सुधीर शाक्य पुत्र रामनरेश निवासी रामगढ़ी कोतवाली मैनपुरी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जो डीसीएम व बैट्री बरामद की गई हैं, इन्हें पिछले दिनों सौरिख क्षेत्र से लूटा गया था।
पकड़े गए बदमाशों का आपराधिक रिकार्ड
कन्नौज। गैंग का सरगना रमेश पुत्र राम सिंह बदायूं के दातागंज के गांव चंदोका का रहने वाला है। रमेश ग्राम पंचायत का मौजूदा प्रधान भी है। बदायूं समेत औरैया, राजस्थान के अलवर, कन्नौज में उसके खिलाफ लूट और डकैती के 14 मुकदमे दर्ज हैं। पांच हजार का इनाम भी घोषित है। वह करीब पांच सालों से फरार चल रहा था। खेमा पुत्र बिजेंद निवासी जलेसर एटा पर फिरोजाबाद के थाना रामगढ़ और जलेसर एटा में कई डकैती के मुकदमे दर्ज है। दो बाद जेल भी चुका है। वसीम पुत्र अफजाल निवासी इस्लाम नगर जलसेर एटा, ऋषि पुत्र ओम प्रकाश निवासी अजीतगंज थाना एलाऊ मैनपुरी, साजिद उर्फ कालू पुत्र आबिद निवासी परवाखेड़ा इस्लामनगर मदनापुर शाहजहांपुर के खिलाफ बदायूं के उझानी थाना समेत हरदोई, बरेली में डकैती के मुकदमे दर्ज है। धर्मवीर पुत्र क्षत्रपाल निवासी दौलतपुर डिवाई बुलंदशहर और कमरुद्वीन पुत्र मो. अली कालिया, दिलशाद पुत्र नजीर खॉ निवासी निवरी अहिलादपुर थाना देहली गेट अलीगढ़, संजीव कुमार पुत्र गौरी शंकर निवासी नगला रामबक्स जलेसर एटा और फरियाद उर्फ फरीद पुत्र बसीर निवासी नगरिया कला समधा इलाका फतेहगंज पूर्वी बरेली को गिरफ्तार किया गया है।
एडीजी ने की सराहना, 55 हजार का इनाम
कन्नौज। कुख्यात गिरोह को गिरफ्तार करने की जानकारी मिलते ही एडीजी जोन कानपुर ने सर्विलांस टीम को 25 हजार रुपये से पुरस्कृत किया है। इसके अलावा 25 हजार रुपये पुलिस अधीक्षक हरीश चंदर ने देकर सम्मानित किया है। जबकि गैंग के सरगना रमेश प्रधान की गिरफ्तारी पर राजस्थान की अलवर पुलिस से पांच हजार का घोषित इनाम भी मिलेगा।
मलिहाबाद और चिनहट, काकोर में हत्या और डकैती से जुड़े गिरोह के तार
कन्नौज। पकड़े गए 10 लुटेरों के लखनऊ में हुई हत्या और डकैती की वारदात से भी तार जुड़़े है। लखनऊ की क्राइम ब्रांच टीम ने जिला मुख्यालय पर डेरा डालकर गैंग के सरगना प्रधान और सदस्यों से पूछताछ शुरू की है। 22 जनवरी को लखनऊ के मलिहाबाद इलाके के सरावां में श्यामू की हत्या और ग्रामीण छत्रपाल यादव को घायल कर लाखों की डकैती को अंजाम दिया गया था। इससे तीन दिन पूर्व इसी गैंग ने काकोरी और चिनहट में भी वारदात को अंजाम दिया था। इन वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह में 10 बदमाश शामिल थे। बदमाश एक चार पहिया कार और डीसीएम से गांव पहुंचे थे। क्राइम ब्रांच लखनऊ ने जिला मुख्यालय पर गैंग के सरगना रमेश प्रधान समेत अन्य बदमाशों से पूछताछ शुरू की है।