दरोगा की कारस्तानी, रुपये न मिलने पर कार्रवाई
एसडीएम ने माना छात्र नाबालिग, जांच कराएंगे
पुलिस की एक और मनमानी सामने आई है। बिसौली कोतवाली में तैनात एक दरोगा ने पांच हजार रुपये न मिलने पर कक्षा 10 के नाबालिग छात्र पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर दी, जबकि किशोर के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है। किशोर का पिता अब अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। एसडीएम बिसौली आरडी राम ने माना है कि छात्र नाबालिग है। पूरे मामले में जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
कोतवाली क्षेत्र के गांव सुजानपुर निवासी कक्षा 10 का छात्र विकास पुत्र महीपाल गांव में ही बच्चों के साथ खेल रहा था। खेल-खेल में एक बच्चा गिर गया। इससे उसका हाथ टूट गया। छात्र के पिता ने विकास पर हाथ तोडने का आरोप लगा दिया। महीपाल का कहना है कि कोतवाली में तैनात दरागा राम रतन गौतम उनके पास पहुंचा। दरोगा ने मामला रफा-दफा करने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की। उसने दरोगा को ढ़ाई हजार रुपये दिए। पूरे रुपये न मिलने पर दरोगा ने विकास के खिलाफ धारा 110 गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर दी। एसडीएम कोर्ट से जब सम्मन पहुंचे तो उसे इस बारे में पता लगा। गौर करने वाली बात यह है कि विकास का कोई अपराधिक इतिहास नहीं है।
नाबालिग बेटे पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई होने के बाद महीपाल अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। कक्षा 10 के छात्र पर गुुंडा एक्ट की कार्रवाई कर उसे जिला बदर करने की कार्रवाई पुलिस का चेहरा उजागर करती है। बता दें कि इसी दरोगा ने सिचौली गांव के एक बुजुर्ग दलित को थप्पड़ मार दिया था। इससे उसके कान का परदा फट गया था। विकास के मामले में कोतवाली जमीरुल हसन का कहना है कि प्रकरण उनकी जानकारी में नहीं है।
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मामला मेरे संज्ञान में है। छात्र प्रथम दृष्टया नाबालिग प्रतीत हो रहा है। मामले में जांच कराई जा रही है। अगर दरोगा पर दोष सिद्ध होता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।-आरडी राम, एसडीएम बिसौली