मूसाझाग थाने में नाबालिग से गैंगरेप मामले में न्यायिक जांच कर रहे एसीजेएम द्वितीय राकेश कुमार ने जिला अस्पताल के सीएमएस को तलब किया है। एसीजेएम ने 16 जनवरी के लिए उन डॉक्टरों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था, जिन्होंने पीड़िता का मेडिकल किया था। ये डॉक्टर शुक्रवार को बयान दर्ज कराने कोर्ट में नहीं पहुंचे। इस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है और सीएमएस को 17 जनवरी को कोर्ट में यह कहते हुए तलब किया है कि क्यों न आपके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
एसीजेएम राकेश कुमार मूसाझाग कांड की न्यायिक जांच कर रहे हैं। दो दिन पहले उन्होंने पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए थे। जांच अधिकारी के समक्ष पीड़िता का मेडिकल करने वाले डॉक्टर्स को शुक्रवार को बयान दर्ज कराने थे। इसके लिए जिला अस्पताल के सीएमएस को पत्र भेजा गया था। यह पत्र सीएमएस ने यह कहते हुए वापस कर दिया कि इसे सीएमएस (महिला) को भेजने का कष्ट करें। शुक्रवार को डॉक्टर बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे। इस पर जांच अधिकारी ने कड़ी आपत्ति की है। जिला अस्पताल के सीएमएस को नोटिस भेजकर कहा है कि अगर वह चाहते तो संबंधित डॉक्टर को जांच में सहयोग के लिए सूचित कर सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इससे प्रतीत होता है कि वह आरोपियों को अपरोक्ष रूप से फायदा पहुंचाने और जांच प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। कोर्ट ने जिला अस्पताल के सीएमएस को 17 जनवरी के लिए व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। यह भी कहा है कि अगर वह ऐसा नहीं करते तो उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।