मेरा नाम आर्यन है। मैं आईपीएस हूं और चंडीगढ़ में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हूं। मैं आपके स्कूल में छात्रों को सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के विषयों में जागरूक करूंगा।
मेरा रहने का और गाड़ी के तेल का खर्च आप दे देना। अपने आप को आईपीएस बताने वाले युवक के मुंह से यह बातें सुनकर एकबारगी स्कूल संचालक भी असमंजस में पड़ गया। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और फर्जी आईपीएस बने युवक को काबू किया।
मामला गुरुवार शाम का है। आरोपी युवक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के बाद शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपी सतेंद्र निवासी बिहोली, पानीपत का है।
ये है मामला
सैन पब्लिक हाईस्कूल आदर्श नगर सोनीपत के संचालक प्रवीण पुत्र ईश्वर ने गुरुवार देर शाम पुलिस को सूचना दी कि उनके यहां एक युवक आया है। जो अपने आपको आईपीएस बता रहा है। सूचना पर सेक्टर-14 सोनीपत पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई कुलदीप ने पुलिस पार्टी के साथ अविलंब कार्रवाई करते हुए उक्त युवक को धर दबोचा। शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस को उसके पास से आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, नकली सोने की चेन, 9200 रुपये और तीन मोबाइल मिले।
बीए में पढ़ता है आरोपी
पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक पूछताछ में युवक ने कबूल किया है कि उसका मकसद स्कूल संचालक से धोखाधड़ी करके पैसे लेना था। बता दें कि युवक बिहोली स्थित कालेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है।
क्या पहले भी कर चुका है वारदात
पुलिस गिरफ्त में आरोपी सतेंद्र के हावभाव और चालढाल से लगता है कि वह पहले भी इस तरह की वारदात को अंजाम दे चुका है। पुलिस कस्टडी में जब सतेंद्र से पूछा गया कि ऐसा क्यों किया तो उसने जवाब दिया बस दिमाग में आ गया कर दिया। गाड़ी में चलते-चलते सतेंद्र ने कहा कि अगली बार असली में आईपीएस बनकर आऊंगा।