मूसाझाग थाने में गैंगरेप की शिकार हुई पीड़िता की मां के बैंक खाते में सिर्फ 162 रुपये हैं। यह परिवार बेहद गरीब है। घर में शौचालय तक नहीं है। मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक तो दे दिया गया है लेकिन घर में शौचालय बनावाने की ओर किसी का ध्यान नहीं गया।
31 दिसंबर की रात जब मूसाझाग थाने के सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव ने नाबालिग को अगवा किया था तो वह शौच के लिए जा रही थी। परिवार बेहद गरीब है। पीड़िता की मां का खाता मूसाझाग स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में है। इस खाते से 12 जून 2014 को 2400 रुपये निकाले गए थे। इसके बाद से खाते में सिर्फ 162 रुपये ही हैं। परिवार के पास आमदनी का कोई ठोस जरिया भी नहीं है।
होमगार्ड जिला कमांडेंट ने देखा घटना स्थल
मूसाझाग। होमगार्ड के जिला कमांडेंट महेंद्र सिंह ने सोमवार को मूसाझाग थाने पहुंच कर घटना स्थल देखा। उन्होंने पहरा रजिस्टर चेक किया। बता दें कि घटना के समय होमगार्ड हेतसिंह और धीरपाल थाने में पहरा ड्यूटी पर तैनात थे। एडीजी क्राइम एचसी अवस्थी ने इनके खिलाफ कार्रवाई को कहा है।