क्रास केस में वादी पक्ष को भी कोर्ट ने सुनाई सजा
पड़ोसी जिला संभल के गांव भिरावटी में हुई थी दो पक्षों में मारपीट
जिला एवं सत्र न्यायाधीश नसीर अहमद द्वितीय ने मारपीटकर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में नामजद पिता-पुत्र समेत चार आरोपियों को दोषी मानते हुए चार-चार साल की कड़ी कैद सहित तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही क्रास केस में दो भाइयों समेत चार को मारपीट में दोषी मानकर दो-दो साल की सजा सहित तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना डाला।
मारपीट की घटना थाना संभल क्षेत्र गांव भिरावटी में 16 दिसंबर 2012 को हुई थी। गांव के ही रामरहीस पुत्र राजाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने एक खेत भारत सिंह से खरीदा था जिस पर विवाद चल रहा था। वह अपने खेत पर पानी लगाने गया था। तो गांव के रनसिंह पुत्र मुंशी सिंह और उसके तीनों बेटे धर्मपाल, रामरईस और हरीशचंद्र उसको गालियां देने लगे। नरेश ने गाली देने को मना किया तो आरोपियों ने उन्हें लाठी-डंडों से पीट कर घायल कर दिया। इसी घटना को लेकर रन सिंह ने भी पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। कहा था कि खेत को लेकर विवाद चल रहा था तो उसने खेत में पानी लगाने को रामरईस पक्ष के लोगों को मना किया। इसी पर नरेश, सोहनपाल पुत्रगण हरीसिंह और सत्यपाल पुत्र चंद्रपाल, यादराम पुत्र राजाराम ने उसे पीटना शुरू कर दिया। उसे बचाने बेटा धर्मपाल आदि आए तो उन्हें भी आरोपियों मारपीटकर घायल कर दिया।
विद्वान न्यायाधीश नसीर अहमद द्वितीय ने पत्रावलियों में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद रनसिंह उसके तीन बेटे धर्मपाल, रामरहीस व हरीश चंद्र को दोषी मानकर चार-चार साल की सजा और तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने डाला है। साथ ही क्रास में आरोपी नरेश, सोनपाल, सत्यपाल, यादराम को दो-दो साल की सजा और तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना डाला है।