आवास विकास में 14 साल की दलित किशोरी से रेप के मामले में दो छात्र पांच दिन से पुलिस हिरासत में है। हालांकि अब तक की विवेचना के बाद अफसर यह भी मान रहे हैं कि दोनों बेगुनाह हैं। एक छात्र को शिनाख्त परेड में किशोरी पहचान भी नहीं सकी थी। इसके बावजूद दोनों को सिविल लाइंस पुलिस की हिरासत में लिए हुए है।
आवास विकास की दलित किशोरी से 23 जून को रेप हुआ था। उसने पांच दिन के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें शिवम उर्फ संतोष को नामजद कराया। बाद में रिषभ और अंकित के नाम भी लिए गए। तीनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। शिनाख्त कराई गई तो छात्रा अंकित को नहीं पहचान सकी। एफआईआर, 161 और 164 के बयान के आधार पर पुलिस ने शिवम उर्फ संतोष को जेल भेज दिया। अंकित और रिषभ अब तक पुलिस हिरासत में हैं। हालांकि अफसर यह भी मान रहे हैं कि रेप के मामले में अंकित और रिषभ का कोई रोल नहीं है।
अब तक की जांच में जो पता लगा है उसके आधार पर शिवम को जेल भेज दिया गया है। रिषभ और अंकित की कोई भूमिका नजर नहीं आ रही। शिनाख्त परेड में छात्रा अंकित को पहचान भी नहीं सकी थी। एहतियात के तौर पर दोनों को हिरासत में लिया गया था। अब भी दोनों छात्र हिरासत में हैं यह बात मेरी जानकारी में नहीं है। अगर ऐसा है तो कार्रवाई होगी।
-अनिल यादव, एसपी सिटी