-अनाज की कालाबाजारी रोकने को प्रशासन ने कमर कसी
अनाज की कालाबाजारी रोकने के लिए अब प्रशासन सख्त को गया है। डीएम ने जिले के सभी राशन कोटे की दुुकानों पर नियमित रूप से पूरा अनाज राशनकार्ड धारकों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को विकास भवन सभाकक्ष में डीएम ने पूर्ति विभाग के अधिकारियों, पूर्ति निरीक्षकों तथा उपजिलाधिकारियों की बैठक में कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसमें कोताही बरतने पर अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम पवन कुमार ने अधिकारियों से कहा कि बिना किसी दवाब के कार्य करें। नियमित रूप से अनाज का वितरण हो। मानक से कम वितरण करने अथवा निर्धारित राशि से अधिक मूल्य पर अनाज बेचने पर कोटेदार के विरुद्ध 3/7 की कार्रवाई अमल में लाएं। शनिवार को विकास भवन स्थित सभाकक्ष में डीएम ने पूर्ति विभाग के अधिकारियों एवं पूर्ति निरीक्षकों तथा उप जिलाधिकारियों की लगाम कसते हुए कहा कि अनाज की कालाबाजारी में यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी संलिप्त पाया जाता है तो उनके विरुद्ध भी एनएसए का मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा। अनाज उठान के समय गोदामों पर अधिकारी मौजूद रहें। यहां उपस्थित रहने वाले दलालों की धरपकड़ कर जेल भिजवाएं। डीएम ने कहा कि अनाज न बंटना किसी भी दशा में क्षम्य नहीं होगा।
खाद्यान्न न मिले तो सीधे डीएम को करें फोन
डीएम पवन कुमार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी उपभोक्ताओं से अपेक्षा की है कि यदि उन्हें निर्धारित अवधि में निर्धारित मानक के अनुसार तथा निश्चित मूल्य पर अनाज और मिट्टी का तेल न मिले तो सीधे फोन पर उन्हें जानकारी दी जा सकती है। दोषियों के विरुद्ध तुरन्त मौके पर टीम भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि उठान के समय गोदाम पर मौजूद रहने वाले अधिकारियों का यह दायित्व होगा कि वह सुनिश्चित करें कि अनाज गांव में संबंधित दुकान तक अवश्य पहुंचे।
गोदामों के कांटे-बाट का होगा परीक्षण
डीएम ने बाट माप विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी गल्ला गोदामों के कांटे एवं बाट का मौके पर जाकर परीक्षण किया जाए कि वह सही हैं अथवा नहीं। खामियां पाए जाने पर बाटों का मानक पूरा किया जाए और मुहर आदि लगाने का कार्य भी किया जाए। अनाज वितरण के संबंध में शिकायतें मिलने पर सीधे डीएसओ, पूर्ति निरीक्षक और उप जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे।
बीडीओ बिना दवाब के करें कोटे का प्रस्ताव
डीएम ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर कोटे की दुकानें रिक्त हैं वहां गांव सभा की खुली बैठक में बिना किसी दवाब के प्रस्ताव किया जाए। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाए। यदि किसी बीडीओ ने किसी के दवाब में आकर किसी अपात्र व्यक्ति का प्रस्ताव किया अथवा किए गए प्रस्ताव में कोई संशोधन किया तो बीडीओ भी कार्रवाई से बच नहीं सकेंगे। अनाज उठान के समय तथा वितरण अवधि में सीडीओ एवं एडीएम तथा अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण भी किए जाएंगे।