सरकारी जमीन पर अतिक्रमण
ढहाकर कब्जेदारों को खदेड़ा
-बदायूं रोड किनारे कुछ लोग करना चाहते थे धर्मस्थल का निर्माण
-स्थानीय अभिसूचना इकाई की रिपोर्ट पर अफसरों ने की कार्रवाई
-कस्तूरबा स्कूल के पास चकरोड की पैमाइश भी कराई
बुर्रा रोड से कस्तूरबा स्कूल के पास होकर बनने वाले मिनी बाईपास के निर्माण में बाधक बने चकरोड के अतिक्रमणकारियों को बेदखल कर मिट्टी डालने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए बदायूं रोड किनारे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए आशियाने शनिवार को बुलडोजर चलाकर ढहा दिए गए। पुलिस और राजस्व कर्मियों ने अतिक्रमण करने वालों को भी खदेड़ दिया।
अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत इलाके में शनिवार को प्रशासनिक कार्रवाई का दूसरा दिन था। अफसरों को खुफिया इकाइयों से यह सूचना भी मिली थी कि कुछ लोग अवैध कब्जों को धार्मिक स्थलों के रूप में तब्दील करके कब्जे को स्थाई बनाने की योजना बनाए हुए हैं। बदायूं रोड पर बसोमा मोड़ से पहले सरकारी जमीन पर दो साल पहले कब्जा कर आशियाने बना लिए गए थे। पक्की दो दीवारों के सहारे टिनशेड भी डाल रखा था। यहां लगभग रोजाना ही धार्मिक आयोजन भी कराए जाने लगे थे। पिछले सप्ताह स्थानीय अभिसूचना इकाई ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को रिपोर्ट भेजकर अवैध कब्जा स्थल पर आगे चलकर धर्मस्थल का निर्माण कर लिए जाने की आशंका जताई गई। एसडीएम सदर जंगबहादुर यादव ने राजस्व कर्मियों से सच्चाई का भी पता कराया। तहसीलदार की अगुवाई में मौके पर पहुंचे पुलिस और राजस्व कर्मियों ने जेसीबी मशीन से अतिक्रमण ढहा दिया। पुलिस और राजस्व कर्मियों ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों को खदेड़ दिया। आरोपियों ने हालांकि अपना पक्ष रखने की कोशिश भी की लेकिन राजस्व कर्मियों ने उन्हें पहले ही अनसुना कर दिया। बता दें कि इस मामले में शिकायत शासन स्तर पर पहुंच गई थी। राजस्व निरीक्षक जुगेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों को मौके पर मलबा हटा लेने जाने की सूचना भिजवा दी गई है। इधर, बुर्रा रोड से भदरौल संपर्क मार्ग को जोड़ने के लिए निर्माणाधीन मिनी बाईपास में चकरोड पर अवैध मीहलाल नगला के ग्रामीणों का कब्जा बाधक बना होने पर राजस्व और पुलिस कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। उनके साथ जेसीबी मशीन भी थी। राजस्व कर्मियों ने चकरोड की पैमाइश कर अवैध कब्जा करने वाले ग्रामीणों को चिह्नित भी कर लिया। चकरोड को कब्जा मुक्त कराके सड़क पर मिट्टी डालने का काम शुरू कर दिया गया। मिनी बाईपास के निर्माण पर एक करोड़ रुपया खर्च होना है। बाईपास कादरचौक क्षेत्र के किसानों को मंडी तक माल पहुंचाने में सहायक बनेगा।