हवाला या स्लीपर सेल कनेक्शन से भी इंकार नहीं
आठ फर्जी खातों से 2.50 करोड़ के लेनदेन का मामला
भारतीय स्टेट बैंक की सहसवान मेन ब्रांच में पकड़े गए आठ फर्जी खातों में रकम मुंबई, दिल्ली और बंगलूरू से भेजी गई थी। पड़ताल में यह बात सामने आने के बाद हवाला कारोबार और आतंकी स्लीपर सेल कनेक्शन को लेकर खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। यह रकम किसने डाली और किसने निकाली इस बारे में अब तक पता नहीं लगा है। एसबीआई में यह खाते फर्जी आईडी लगाकर खोले गए थे। फर्जी आईडी लगाकर खोले गए आठ बैंक खातों से सिर्फ दो महीने में 2.50 करोड़ रुपये का लेनदेन भी हो गया था।
सहसवान तहसील के गांव मोहम्मदपुर ऊधा के आकाश पुत्र हरीश चंद्र, अशोक पुत्र जानकी, आकाश कुमार पुत्र रमेश बाबू, बबलू पुत्र पप्पू, मुकेश पुत्र विजय पाल, अशोक पुत्र नत्थू सिंह, वीरेंद्र पुत्र प्रानसुख और देवकरन पुत्र सोहन लाल के नाम कस्बे की एसबीआई मेन ब्रांच में बचत खाते खोले गए थे। दो महीने में इन खातों से करीब 2.50 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। चालू खातों से बड़ा लेनदेन होने पर बैंक ने सभी आठ खाता धारकों को नोटिस जारी किए गए। नोटिस मिलने पर सभी लोग बैंक पहुंचे। पड़ताल में पता लगा कि खाते खोलने के लिए आईडी तो इन लोगों की लगी हैं, लेकिन फोटो और हस्ताक्षर दूसरे लोगों के हैं। खुलासा होने पर बैंक शाखा में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल चालू कर दी। इधर, बैंक प्रबंधन भी पड़ताल में जुट गया। आठ दिन की पड़ताल के बाद पता लगा है कि सभी फर्जी बैंक खातों में रकम मुंबई, बंगलूरू और दिल्ली से भेजी गई थी। यह रकम किसने भेजी और निकाली किसने? इस बारे में अब तक पता नहीं लग सका है।
-----
फर्जी खाता खोलने की कोशिश में तीन जेल में
बदायूं। सहसवान एसबीआई मेन ब्रांच में 19 जुलाई को फर्जी आईडी पर खाता खोलने तीन लोग पहुंचे थे। बैंक स्टाफ को इन पर शक हुआ। इस पर तीनों से पूछताछ की गई। इसके बाद तीनों यहां से भाग गए। इसके बाद तीनों शहवाजपुर ब्रांच पहुंचे। बैंक स्टाफ को फर्जी खाता खोलने के रैकेट के बारे में बता दिया गया था। इसके चलते स्टाफ ने गेट बंद कर दिया। पुलिस को खबर दी तो पुलिस ने मौके पर पहुंच कर उवैश रजा पुत्र महरुल मोहम्मद इशहाक निवासी उदयपुर थाना वजीरगंज, अब्दुल कादिर पुत्र मोहम्मद सुलेमान और फरीद आलम पुत्र शमकीद अहमद को गिरफ्तार कर लिया। पड़ताल की गई तो पता लगा कि इनके फार्म पर आईडी किसी दूसरे की लगी हैं। फोटो और हस्ताक्षर इन तीनों के हैं। तीनों को जेल भेज दिया गया है।