पुलिस ने नेत्रपाल की निशानदेही पर बुधवार सुबह में जरीफनगर थाना क्षेत्र में खिरकवारी और सिंगोला के जंगल में ईख के खेत से राकेश का कंकालनुमा शव बरामद कर लिया। पैंट के कुछ बचे हुए कपड़े और चप्पलों से पिता आराम सिंह ने राकेश के रूप में उसकी शिनाख्त की। पुलिस ने कंकाल का पोस्टमार्टम भी कराया है। इधर, मुजरिया इंसपेक्टर रामलखन यादव ने बताया कि बोलेरो समेत राकेश के अपहरण में नेत्रपाल के अलावा संभल जिले में गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव रसूलपुर के रामसेवक और रामनाथ पुत्र करन सिंह, रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव भिरावटी में घेर इलाके के राजेंद्र समेत बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव वाकरपुर निवासी किशनलाल शामिल था।
बोलेरो बेचकर रखैल को प्लाट दिलाता नेत्रपाल
उझानी। बोलेरो समेत चालक के अपहरण की घटना के पीछे आरोपी नेत्रपाल की मानें तो बुलंदशहर जिले में औरंगाबाद के गांव खनौले निवासी एक शादीशुदा महिला के घर उसका आना-जाना था। बाद में इसी महिला को उसने रखैल बनाकर अपने साथ रख लिया था। महिला ने बुलंदशहर जिले में प्लाट खरीदने की इच्छा प्रकट की, तो वह रुपयों का बंदोबस्त नहीं कर पाया। उसे खुश करने के लिए ही नेत्रपाल ने घटना को अंजाम दिया। यह बात महिला और अन्य लोगों को भी पता थी। दरोगा ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि आरोपी महिला ईश्वरवती को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस की सक्रियता पर भी उठा सवाल
मुजरिया। चालक राकेश यादव के घरवाले घटना के बाद से ही अनहोनी से आशंकित थे। पिता आराम सिंह ने बरेली में डीआईजी के सामने पेश होकर इसका अंदेशा भी जताया था, लेकिन थाना पुलिस शुरू से ही मामले को संदिग्ध ठहराती रही थी। एसएसपी ने बाद में क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया तो सर्विलांस के जरिए सच्चाई सामने आती गई। ईश्वरवती के पकड़े जाने के बाद तो सब कुछ साफ ही हो गया, लेकिन नेत्रपाल पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया था। पुलिस ने शुरू में यहां तक कह दिया था कि केस बनाया जा रहा है।
गुस्साए ग्रामीणों ने थाने पर घेरा आरोपी
पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
मुजरिया। चालक और बोलेरो कार अगवा कर चालक राकेश की हत्या के आरोप नेत्रपाल को जब पुलिस कोर्ट ले जा रही थी तभी दर्जनों ग्रामीणों ने उसे थाने में ही घेर लिया। ग्रामीण मांग कर रहे थे कि बाकी दो आरोपी किशनपाल और रामसेवक को भी पहले गिरफ्तार किया जाए।
रम्पुरा निवासी बोलेरो चालक राकेश का कंकाल गुन्नौर में मिलने और उसकी हत्या के आरोपी नेत्रपाल की गिरफ्तारी की खबर पर तमाम ग्रामीण थाने पहुंच गए। ग्रामीणों ने मांग की कि बाकी दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाए। उसके बाद ही नेत्रपाल को जेल भेजा जाए। ग्रामीण नहीं मानें तो पुलिस को हलका बल प्रयोग करना पड़ा। बाद में सुरक्षा के बीच नेत्रपाल को कोर्ट में पेशी पर भेज दिया गया। यहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।