करीब दो महीने पहले अगवा हुए युवक का शव नामजद आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने गांव के पास ही एक कुएं से बरामद कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अपहरण और हत्या के इस पूरे मामले में जरीफनगर थाना पुलिस की भूमिका बेहद लापरवाही की रही।
जरीफनगर थाने के गांव करियावैन निवासी ऋषिपाल उर्फ (23) पुत्र ज्ञानी को 11 नवंबर 2013 को कुछ लोग घर से बुला कर ले गए थे। इसके बाद ऋषिपाल का सुराग नहीं लगा। काफी तलाश के बाद भी जब इनके बारे में पता नहीं लगा तो इनकी पत्नी तुलसा देवी ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी। तत्कालीन एसओ योगेंद्र कृष्ण यादव ने 12 नवंबर को मामला गुमशुदगी में दर्ज कर लिया। इसके बाद लगातार तुलसा देवी थाने के चक्कर काटती रहीं लेकिन पुलिस लापरवाही करती रही। 21 दिसंबर को एसओ गंगा सिंह यादव ने गुमशुदगी को अपहरण में मरमीम किया। इसके बाद नामजद आरोपी उघैती थाने के गांव सलामतपुर निवासी कर्रु उर्फ करुआ को गिरफ्तार कर लिया। इसकी निशानदेही पर पुलिस ने रविवार को करियावैन गांव के पास ही आराम सिंह के खेत में बने कुएं से ऋषिपाल का शव बरामद कर लिया। ऋषिपाल की पत्नी ने शव की शिनाख्त की। शव बुरी तरह से सड़ चुका था।