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सड़क पर फेंक दिए किसान सहायता के चेक

Thu, 09 Jul 2015 12:06 AM IST
बगरैन/बदायूं
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बिसौली तहसील क्षेत्र में वर्षा और मौसम खराबी के कारण बर्बाद फसलों के लिए बांटी गई राहत में किसानों के साथ छल किया गया। पीड़ित और त्रस्त किसानों को  सहायता के चेक न देकर उन्हें सड़क किनारे फेंक दिया गया। इनमें कुछ बच्चों ने फाड़ दिए और कुछ से बच्चे खेलते घूम रहे थे। एक राहगीर ने इसे महत्वपूर्ण मानते हुए अमर उजाला तक पहुंचाया। कुल नौ चेक अमर उजाला को मिले हैं, बाकी बच्चों ने फाड़कर नष्ट कर दिए, कुछ हवा में उड़ गए। जिलाधिकारी शंभूनाथ ने इसे गंभीरता से लिया है। तहसील प्रशासन पर कड़ा रुख अपनाया है। एसडीएम, तहसीलदार से पूछताछ की है। इस संबंध में जांच भी शुरू करा दी गई है।
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बुधवार को बगरैन-करेंगी रोड पर पड़ेे मिले चेक गांव गरगइया और उसके मजरा गोटिया के हैं। प्रत्येक चेक लगभग तीन हजार रुपये तक का है। इसमें महिला किसानों के भी चेक हैं। एसडीएम गुलाब चंद तो इस बात पर विश्वास ही नहीं कर रहे थे। खुद उन्होंने अमर उजाला से कई सवाल कर डाले कहा कि तहसीलदार के दस्तखत हैं या नहीं, उनको बताया गया कि तहसीलदार के दस्तखत ही नहीं, उस पर तहसीलदार की मोहर भी लगी है। सभी चेक 19 मई के काटे गए हैं। किसान राहत के लिए भटकता रहा और उनके चेक उन्हें न देकर सड़कों पर फेंक दिए गए। किसानों के साथ इससे भद्दा मजाक और क्या होगा। विपदा आने के बाद उनसे छल किया गया।
प्रदर्शन कर ज्ञापन भी दे चुके हैं इस गांव के किसान
बगरैन। यहां बताना जरूरी है कि बिसौली तहसील के गांव गरगइया के किसानों ने कुछ दिन पहले बिसौली तहसील पर प्रदर्शन कर एसडीएम को अवगत कराया था कि उन्हें राहत के चेक नहीं मिल रहे। एसडीएम में उनको राहत के चेक दिलवाए जाने का आश्वासन भी दिया था। इसके बाद भी इन किसानों के चेक उन्हें नहीं मिले, उनके चेक सड़क किनारे फेंक दिए गए।
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राजस्व अधिकारी और कर्मचारी करते रहे गुहार
बदायूं। किसानों के हितों के साथ मजाक करने वाले राजस्व अधिकारी और संबंधित कर्मचारी इस खबर की जानकारी मिलने पर सक्रिय हो गए। उन्होंने अमर उजाला दफ्तर तक गुहार लगाई। जब गरीब किसानों का हवाला देकर उनसे सवाल किए गए तो उनकी हिम्मत उखड़ गई। एसडीएम तो आखिर तक यही कहते रहे ऐसा नहीं हो सकता। वह पूछताछ कर सही स्थिति बताएंगे।
जिले में 39 किसान जा चुके हैं मौत के मुंह में
जिले में पिछली रबी की फसल बर्बाद होने के कारण 37 किसान मौत के मुुंह में जा चुके हैं। इसमें 19 किसान ऐसे थे, जिन्होंने जहर खाया या फांसी लगाई। बाकी किसान किसानों की फसलों को बर्बाद देख हार्टअटैक हो गया था। इन हालातों में भी शासकीय सहायता से किसानों को दूर किए जाना उनके साथ घिनौना मजाक है।
डीएम बोले, बच नहीं सकते जिम्मेदार
डीएम शंभू नाथ ने चेक के मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और कहा है कि चेक किसानो तक न पहुंच पाना और सड़क पर पड़े मिलना बेहद गैर जिम्मेदारना अपराध है। इसके लिए जांच उपरांत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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