उझानी (बदायूं)। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर निर्माणाधीन स्लैब गिरने से काम कर रहा मजदूर दब गया। मजदूरों की चीखपुकार पर जुटे रेलवे कर्मियों समेत यात्रियों ने स्लैब हटाकर उसे बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक कासगंज के गांव दऊआपुर का निवासी था। जीआरपी ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
हादसा रविवार पूर्वाह्न में हुआ। प्लेटफार्म पर प्रतीक्षालय के नजदीक तीन दिन पहले रेलवे ने ठेकेदार की देखरेख में प्याऊ का निर्माण शुरू कराया था। पहले दिन ही स्लैब भी डाल दी गई। स्लैब पर प्लास्टर और उसके आसपास चिनाई के दौरान स्लैब मजदूर कासगंज के दऊआपुर निवासी 45 वर्षीय चरन सिंह पुत्र द्वारिका प्रसाद के ऊपर गिर पड़ा। मिस्त्री सुम्मेर सिंह ओर साथी मजदूर संजय के शोर मचाने पर जुटे यात्रियों के सहयोग से स्टेशन कर्मियों को स्लैब हटाने में मशक्कत करनी पड़ी।
स्लैब हटाकर चरन सिंह को बाहर निकाला। देखा तो सिर फटने से चरन सिंह की मौत हो चुकी थी। सुम्मेर और संजय चरन सिंह के शव को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। डॉक्टर ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया। जीआरपी बदायूं थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। उधर, हादसे की भनक लगते ही अस्पताल पहुंचे मृतक के घरवालों ने ठेकेदार की भूमिका पर सवाल भी उठाए। घरवालों ने गुस्से का इजहार भी किया।
निर्माणाधीन स्लैब की गुणवत्ता बेहद खराब
उझानी। कासगंज के ही ठेकेदार की देखरेख में शुरू कराए गए स्लैब के निर्माण की हालत देख यात्रियों ने भी गुणवत्ता को खराब बताया। स्लैब के लिंटर में सरिया का तो इस्तेमाल ही नहीं किया गया है। ईंटें पीला हैं। सीमेंट में बजरपुर के स्थान पर रेत का इस्तेमाल किया गया है। यात्रियों ने निर्माणाधीन प्याऊ पर जोर दिया तो दीवार भी हिलने लगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजकुमार मिश्र ने चरन सिंह की मौत के लिए ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया।
निर्माण की गुणवत्ता परखने की जिम्मेदारी विभागीय अफसरों की है। उन्होंने मिस्त्री से गुणवत्ता की शिकायत भी की थी, लेकिन उसने ठेकेदार से बात करने की कहकर बात टाल दी।- एसके यादव, स्टेशन अधीक्षक