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बदायूं तक पहुंचेगी सीबीआई जांच की आंच

Fri, 03 Mar 2017 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
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सीबीअाई - फोटो : अमर उजाला
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जवाहर बाग कांड: हाईकोर्ट ने दिया सीबीआई जांच का आदेश
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रामवृक्ष के कोषाध्यक्ष और सुरक्षा कमांडर रहे बदायूं के राकेश-वीरेश
मथुरा के चर्चित जवाहर बाग कांड में सीबीआई जांच की आंच बदायूं तक पहुंचेगी। भीड़ के साथ जवाहरबाग की कीमती जमीन पर कब्जा करने वाले कथित सत्याग्रहियों के मुखिया रामवृक्ष यादव की तो वारदात के दौरान मौत हो गई थी, लेकिन उसका दाहिना हाथ माना गया राकेश गुप्ता और उसका सुरक्षा कमांडर वीरेश यादव बदायूं के हैं। हालांकि इन दिनों दोनों मथुरा जेल में हैं, पर बदायूं से इनका ताल्लुक होने से माना जा रहा है कि सीबीआई इस मामले की जांच की आंच बदायूं तक आ सकती है। 
जवाहरकांड के बाद पुलिस ने खुलासा किया था कि हजरतपुर थाने के गांव गढ़िया शाहपुर का मूल निवासी राकेश गुप्ता कोऑपरेटिव सोसायटी में सचिव था। उसका एक मकान सिविल लाइंस क्षेत्र में भी है। राकेश गुप्ता जवाहर बाग में जमे कथित सत्याग्रहियों को रसद और हथियार सप्लाई करता था। वहीं, उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव रमैया का वीरेश यादव भी रामवृक्ष यादव से जुड़ा था। दो जून 2016 को जवाहरबाग में हुई हिंसा में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष सिंह शहीद हो गए थे। हिंसा में 20 अन्य लोग भी मारे गए थे। हिंसा के दौरान वीरेश यादव और राकेश गुप्ता कब्जाधारियों का नेतृत्व कर रहे थे। ये दोनों यहां से भाग निकले थे। इनकी गिरफ्तारी पर इनाम रखा गया था। 18 जून 2016 को एसटीएफ और एसओजी ने राकेश गुप्ता को उसहैत थाना क्षेत्र में अटैना पुल के पास से गिरफ्तार किया था। बाद में 15 हजार रुपये के इनामी वीरेश यादव की भी गिरफ्तारी हो गई। इन दिनों दोनों मथुरा जेल में हैं। हाईकोर्ट ने गुरुवार को पुलिस जांच से असंतुष्ट होकर जवाहरकांड के मामले में जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया है। जाहिर है कि इस मामले में भी सीबीआई जांच की आंच बदायूं तक पहुंचेगी। 
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बता दें जवाहरबाग कांड में राकेश गुप्ता के लाइसेंसी पिस्टल और रायफल का भी  इस्तेमाल हुआ था। उसकी रायफल जवाहर बाग में मिली थी। राकेश गुप्ता की  गिरफ्तारी के बाद तत्कालीन एसएसपी सुनील सक्सेना की संस्तुति पर तत्कालीन  डीएम शंभनाथ ने उसके दोनों लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। 
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पहले से सीबीआई के रडार पर है बदायूं
बदायूं। सीबीआई बदायूं से जुड़े चार मामलों में पहले से जांच कर रही है। कटरा  सआदतगंज कांड में कोर्ट ने सुनवाई शुरू कर दी है। इसके अलावा शहर के चर्चित  इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी की हत्या के मामले में भी सीबीआई जांच कर रही है। इस्लामनगर के गांव सिठौर से उमेश यादव के अपहरण का मामला  और एनआरएचएम में घोटाला का मामला भी सीबीआई के पास है। जवाहर बाग कांड ऐसा  पांचवां मामला होगा जिसमें बदायूं तक सीबीआई की जांच पहुंचेगी।
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