मोहल्ला साहूकारा में वारदात से सनसनी, पुलिस मौके पर पहुंची
पति, सास और जेठ के खिलाफ दर्ज कराया हत्या का मुकदमा
भाई बोला, संतान नहीं होने के कारण बहन ने किया जाता था प्रताड़ित
मृतका के शरीर पर पाए गए चोट के निशान
एसएसपी महेंद्र यादव ने किया मौका मुआयना
मोहल्ला साहूकारा में एक नि:संतान विवाहिता लक्ष्मी का शव उसके ही कमरे में पाया गया। उसका पति अचेत दशा में कमरे के बाहर मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की पड़ताल की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जबकि लक्ष्मी के पति को इलाज के लिए बरेली ले जाया गया है। लक्ष्मी के शरीर पर पाए गए चोटों के निशान से माना जा रहा है कि उसकी पीट-पीट कर हत्या की गई। उधर, खबर पाकर यहां पहुंचे मृतका के भाई मथुरा के कस्बा छाता निवासी उत्तम चंद्र वार्ष्णेय का आरोप है कि औलाद नहीं होने के कारण उसकी बहन को उसका पति, सास और जेठ प्रताड़ित करते थे। इन्हीं लोगों ने उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी। उनकी तहरीर पर लक्ष्मी के पति, सास और जेठ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। घटना से मोहल्ले में हड़कंप मच गया। एसएसपी महेंद्र यादव भी एसपी सिटी और सीओ के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना के बारे में जानकारी जुटाई।
उत्तम चंद्र वार्ष्णेय ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन की शादी 18 साल पहले शलभ से हुई थी। शलभ मेडिकल स्टोर चलाता है। बताया कि संतान नहीं होने के कारण उसकी बहन को उसका पति, सास सरोजा देवी और जेठ लोकेंद्र उसे परेशान करते थे। उसकी बहन जब-तब उसे अपने ऊपर ढाए जा रहे जुल्म की जानकारी देती रहती थी। शिकायत के बावजूद उसके ससुराल वाले नहीं मानते थे। बताया कि शुक्रवार सुबह उसे बहन के मरने की जानकारी मिली। वह आननफानन में उसकी ससुराल आया। शव कमरे में पड़ा होना बताया जा रहा है।
अब तक की तहकीकात के बाद पुलिस ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात शलभ वार्ष्णेय और उनकी 38 वर्षीय पत्नी लक्ष्मी खाना खाने के बाद दो मंजिल पर कमरे में जाकर सो गए थे। रात में ही दोनों में कहासुनी होने की बात पता चली है। सुबह परिवार के लोग जागे तो लक्ष्मी का शव कमरे में पड़ा था। शलभ बेहोशी की हालत में बाहर पड़े थे। शलभ को इलाज के लिए बरेली ले जाए जाने की बात बतायी जा रही है। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद मृतका के ससुरालियों और मायके पक्ष के लोगों से बात की। एसएसपी ने कमरे के अंदर और बाहर के हालात पर भी गौर किया। कोतवाल गोपीचंद्र यादव ने बताया कि उत्तम चंद्र की तहरीर पर मृतका के पति शलभ, सास सरोजा और जेठ लोकेंद्र वार्ष्णेय के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस नामजदों की गिरफ्तारी की कोशिश में जुट गई है।
बताते हैं कि शलभ के चार भाई हैं। सबसे बड़े भाई सुशील कुमार उर्फ बादशाह यहां के मोहल्ला अयोध्यागंज में परिवार के साथ रहते हैं। अक भाई महाराष्ट्र में रह कर रेलवे में नौकरी करते हैं। लोकें द्र और उसका छोटा भाई मोनी इसी मकान में नीचे के हिस्से में रहते हैं। मां सरोजा देवी अपने बेटे लोकेंद्र के साथ रहती हैं। बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की सहीं वजह पता चलेगी। आरोपी फरार हैं उनकी गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।