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हत्याकांड में फंसे ब्लाक प्रमुख और उसके पिता गए जेल

Tue, 24 Oct 2017 12:11 AM IST
इस्लामनगर (बदायूं)।
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क्राइम सीन
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इस्लामनगर (बदायूं)। करीब सवा दो साल पहले क्षेत्र के गांव मैजुद्दीनगर के प्रधान के भतीजे की हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी इस्लामनगर के ब्लाक प्रमुख दिनेश यादव और उसके पिता पूर्व ब्लाक प्रमुख सुरेश यादव समेत चार लोगों ने सोमवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया। इस चर्चित हत्याकांड में आरोपी 13 लोगों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। 
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बताते चलें कि चुनावी रंजिश के चलते तीन अक्तूबर 2015 को गांव मौजुद्दीनगर निवासी मदन लाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय मृतक के चाचा धर्मपाल  यादव गांव के  प्रधान थे, जबकि आरोपी सुरेश यादव उस वक्त इस्लामनगर के ब्लाक प्रमुख थे। हत्याकांड में मुख्य आरोपी पूर्व प्रमुख सुरेश यादव, भाई उमेश पुत्रगण डंबर सिंह यादव, वर्तमान प्रमुख दिनेश यादव पुत्र सुरेश यादव और मुकेश पुत्र उमेश समेत 17 लोगों को नामजद किया गया था। इसमें से ये चारों तो फरार रहे लेकिन 13 लोगों को घटना के अगले दिन ही चंदौसी में उस समय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था जब वह निजी अस्पताल में इलाज करा रहे थे।
गौरतलब हो कि पूर्व प्रमुख सुरेश यादव को एक बड़े राजनेता का साथ मिला हुआ था। सो सूबे में राज्यमंत्री होने के कारण घटना की सीबीसीआईडी से जांच करा दी गई। राजनैतिक दबाव के चलते सीबीसीआईडी ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल नहीं की थी। जिसकी वजह से चंदौसी से पकड़े गए 13 आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई थी। मामला ठंडे बस्ते में चला गया। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद सीबीसीआईडी ने चारों की गिरफ्तारी को गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। साथ ही चारों को कुर्की का डर था सो उन्होंने आज बदायूं पहुंचकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इन्हें बाद में जेल भेज दिया गया।
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वादी पक्ष के वकील दीपक पाठक ने चारों के कोर्ट में हाजिर होने की पुष्टि की है। बताया कि वे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां हाजिर हुए हैं।
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बीडीसी सदस्य प्रेमजीत पासी को उठा लेने पर हुआ था खूनी संघर्ष
हमलावरों ने इस्लामनगर में रहने वाले धर्मपाल के घर पर आकर किया था हमला     
गोली लगने से हुई थी मदन लाल की हत्या, बचाव में दूसरे पक्ष ने भी किया था पथराव
इस्लामनगर (बदायूं)। ब्लाक प्रमुख की सीट हासिल करने को क्षेत्र पंचायत सदस्य  प्रेमजीत पासी को उठा लेने के बाद हुए खूनी संघर्ष में मदनलाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हालांकि दूसरे पक्ष ने भी बचाव में पथराव किया था। संघर्ष में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल भी हुए थे। चूंकि ब्लाक प्रमुख दिनेश यादव उस समय सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के घोषित प्रत्याशी थे सो प्रशासन का भी उन पर हाथ था।
इस्लामनगर ब्लाक प्रमुख के लिए सपा ने पूर्व प्रमुख सुरेश यादव के पुत्र दिनेश यादव को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। सरकार भी सपा की थी। सो दिनेश यादव के विजयी होने का रास्ता पहले से ही साफ दिख रहा था। मगर किसी स्तर पर कमी न रहे इसके लिए उनके पिता सुरेश यादव बीडीसी सदस्यों को अपने पक्ष में जुटे हुए थे। जबकि उनके विरोधी गांव मैजुद्दीनगर के प्रधान धर्मपाल यादव थे। धर्मपाल  दूसरे पक्ष के प्रत्याशी के समर्थन में काम कर रहे थे। धर्मपाल थाना उघैती क्षेत्र के गांव सोरा निवासी बीडीसी प्रेमजीत पासी को उठा लाए थे। बाद में सुरेश यादव सोरा पहुंचे तब पता चला कि प्रेमजीत को तो धर्मपाल ही ले गए थे। आरोप है कि इससे बौखलाए सुरेश यादव ने दर्जनों समर्थकों के साथ इस्लामनगर में केएम इंटर कॉलेज के पास रह रहे धर्मपाल यादव के घर पर धावा बोल दिया। फायरिंग की। गोली लगने से धर्मपाल का भतीजा मदन लाल मर गया था। हालांकि दूसरे पक्ष ने भी अपने बचाव में पथराव किया था। जिसमें कई लोग घायल भी हो गए थे। पुलिस ने मौके से एक रायफल बरामद की थी। 13 घायलों को चंदौसी में भर्ती कराया गया था। वहीं से उन्हें एसओ रहे सीपी सिंह यादव ने गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें जमानत मिल गई  थी लेकिन वर्तमान प्रमुख दिनेश यादव, उनके पिता पूर्व प्रमुख सुरेश यादव समेत चार आरोपी फरार चल रहे थे जिन्होंने सोमवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। यहां बता दें कि सपा के एक कद्दावर नेता ने आरोपियों को बचाने के लिए सीबीसीआईडी से जांच कराई थी।
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मनवीर बोले-सजा दिलाकर रहेंगे आरोपियों को
इस्लामनगर। मृतक मदन लाल के तहेरे भाई वादी मनवीर सिंह ने कहा कि वह आरोपी सभी लोगों को सजा दिलाकर रहेंगे। किसी स्तर पर पीछे नहीं हटेंगे। आज प्रमुख और पूर्व प्रमुख समेत चारों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।
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आरोपियों को करा दिया था फरार घोषित
हत्याकांड के आरोपी ब्लाक प्रमुख दिनेश सिंह, पूर्व प्रमुख सुरेश यादव समेत चारों आरोपियों को सीबीसीआईडी से फरार घोषित किया जा चुका था। उनकी कुर्की की तैयारी चल रही थी। शायद उसी वजह से उन्होंने कोर्ट में सरेंडर किया है।   हालांकि उन्हें इस बारे में अभी जानकारी नहीं है।
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-यशपाल सिंह, इंसपेक्टर एवं विवेचक, सीबीसीआईडी
 
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