भू-माफिया, खनन माफिया, शराब माफिया और शिक्षा माफिया की सूची शासन स्तर से तलब की गई है। माफिया का चिन्हीकरण कर इनकी सूची बनाने का जिम्मा स्थानीय अभिसूचना इकाई को दिया गया है। सूत्रों की मानें तो स्थानीय अभिसूचना इकाई ने माफिया को चिंह्ति करने का काम भी शुरू कर दिया है। दरअसल यह पूरी कवायद 2017 के विधान सभा चुनाव से पहले सरकार की छवि चकमाने के लिए की जा रही है।
कुछ माफिया के सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे लोग सत्तारूढ़ पार्टी में बने रहते हुए अपना मोटा फायदा करते हैं। जमीनों पर कब्जों का मामला हो या फिर अवैध खनन के मामले। ऐसे लोगों की वजह से कई बार सत्तारूढ़ पार्टी पर उंगलियां उठती हैं। इससे सरकार की छवि पर भी बट्टा लगता है। स्थानीय अभिसूचना इकाई के सूत्रों की मानें तो शासन स्तर से जिले में माफिया को चिन्हित कर इनकी सूची बनाने का फरमान मिला है। यह सूची सीधे शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद व्यापक स्तर पर माफिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर कुछ माफिया सत्तारूढ़ पार्टी से जुडे़ हुए होंगे तो उनको भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। स्थानीय अभिसूचना इकाई के सूत्रों की मानें तो सूची बनाने का काम चालू हो गया है। सूत्रों ने इस बात से भी इंकार नहीं किया है कि सच्ची में कुछ असरदार लोगों के साथ कुछ राजनेताओं के नाम भी हो सकते हैं। यह सूची जल्द ही शासन को भेज दी जाएगी।