कादरचौक थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिक से बलात्कार मामले में फिर से विवेचना होगी। मामले में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसके विरोध में पीड़ित पक्ष ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने मामले में एसएसपी, सीओ उझानी और एसओ कादरचौक को तलब किया था। इन लोगों ने कोर्ट में अपना पक्ष रख दिया है। कोर्ट ने मामले में तत्काल फिर से विवेचना शुरू करने का आदेश दिया है।
कादरचौक के एक गांव में 11 जून को एक पंद्रह साल की लड़की से गैंगरेप हुआ था। मामले में गांव के ही इकराम और इशहाक के खिलाफ गैंगरेप और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में जांच के दौरान पुलिस ने एफआर लगा दी थी। पीड़ित पक्ष ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 21 नवंबर को हाईकोर्ट ने मामले में फिर से विवेचना का आदेश दिया था। पुलिस ने विवेचना शुरू नहीं की तो कोर्ट ने एसएसपी, सीओ उझानी और एसओ कादरचौक को तलब किया था। मंगलवार को इन लोगों ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा। इसके बाद कोर्ट ने मामले में तत्काल फिर से विवेचना शुरू करके रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।