बदायूं में पशु तस्करी का खेल पूरी निर्दयता से जारी है। सोमवार को हुए एक हादसे के बाद फिर पशु तस्करों का अमानवीय चेहरा दिखाई पड़ा। वध को ले जाए जा रहे प्रतिबंधित पशुओं से भरी डीसीएम मूसाझाग थाने के अंधे की प्याऊ पुलिया के पास खाई में पलट गई। इससे डीसीएम में रखे गए दस पशुओं की मौत हो गई। घटना के बाद तस्कर फरार हो गए। तस्करों ने डीसीएम में पशुओं के ऊपर मटर की बोरियां लाद रखी थीं। अगर डीसीएम पलटती नहीं तो संभवता तस्कर अपने इरादे में कामयाब हो गए होते। पुलिस ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ पशु क्रूरता और गौ वध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
दातागंज रोड पर मूसाझाग के पास अंधे के प्याऊ के पास टूटी हुई पुलिया पर सोमवार सुबह करीब छह बजे एक डीसीएम पलट गई। लोगों ने जब देखा के डीसीएम में प्रतिबंतिध पशु भरे हुए हैं तो वे दंग रह गए। मौके पर भीड़ जमा होने लगी। यह देखकर डीसीएम में सवार तस्कर फरार हो गए। सूचना पर सीओ उझानी सतीश कुमार शर्मा, सीओ दातागंज सतेंद्र त्यागी, एसओ मूसाझाग अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से पशुओं को बाहर निकाला तो 17 मृत और 10 जीवित पशु निकले। पशु चिकित्सक को भी मौके पर बुला लिया गया। घायल पशुओं को ग्रामीणों की सुपुर्दगी में देकर इलाज कराया जा रहा है। जीवित मिले पशु भी नशे की हालत में हैं।
सूचना मिलने पर पूर्व विधायक अवनीश सिंह, भाजपा गो रक्षा प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक मनोज कृष्ण गुप्ता, भाजपा नेत्री दीपमाला गोयल भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस अज्ञात पशु तस्करों की तलाश में लगी है।
पशुओं को लगाए गए थे नशे के इंजेक्शन
बदायूं। पशुओं को डीसीएम के भरने से पहले नशे के इंजेक्शन लगाए गए थे। डीसीएम पलटने के बाद जीवित बचे 10 पशुओं को जब निकाला गया तो वे नशे में थे। बरामद पशुओं का स्वास्थ्य जांचने पहुंचे पशु चिकित्सक डॉ. आरके गंगवार ने बताया कि पशु नशे में हैं। डीसीएम से मिले दस जीवित पशुओं की हालत भी खराब है। इनमें दो पशु गंभीर हैं।
थ्री व्हीलर के नंबर पर
चल रही थी डीसीएम
बदायूं। जिला डीसीएम से प्रतिबंधित पशुओं को वध के लिए ले जाया जा रहा था उस पर नंबर थ्री व्हीलर का पड़ा था। पुलिस ने इस नंबर को ट्रेस कराया। यह नंबर अमरोहा आरटीओ में मुरादाबाद के थाना हजरत नगर गढ़ी अंतर्गत गांव ग्वालखेड़ा के एक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है। एसओ मूसाझाग अशोक कुमार ने बताया कि जिस नाम से डीसीएम का रजिस्ट्रेशन है उस व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी गई है।
नए तरीके, नए रास्ते इजाद कर रहे पशु तस्कर
तह तक पहुंचने की कोशिश नहीं करती पुलिस
पशु तस्करी का जंक्शन बन गया है बदायूं
बदायूं। प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी के लिए मांस माफिया नए तरीके और नए रास्ते इजाद कर रहे हैं। बदायूं-दातागंज रोड पर पशु तस्करी की घटनाएं न के बराबर होती हैं। जिले में यह ऐसा पहला मामला है जिसमें तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए डीसीएम में पशुओं के ऊपर मटर की बोरियां भरी थीं। पुलिस कभी बड़े पशु तस्करों तक पहुंचने की कोशिश तक नहीं करती।
दातागंज में रामगंगा पर बेलाडंाडी, उसहैत में गंगा पर अटैना और कादरचौक में कादरगंज पुल चालू होने के बाद बदायूं पशु तस्करी का जंक्शन बन गया है। पुलिस के बड़े अफसर भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि पशु तस्करी की घटनाओं पर अंकुश के लिए पुलिस को भी तरीका बदलना होगा। जिले में प्रतिबंधित पशुओं की बड़े पैमाने पर तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस ने कभी तह तक पहुंच कर बड़े तस्करों की गिरफ्तारी की कोशिश नहीं की। पिछले दिनों बिनावर थाने के गांव सेमरमई के अवैध नखासे से प्रतिबंतिधत पशुओं की तस्करी के मामले को भी पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
इस तरह से पशु तस्करी का यह पहला मामला है। यह बात सही है कि पुलिस को भी तस्करों के पैंतरों को देखते हुए अपने तरीके बदलने होंगे। प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी हर हालत में रोकी जाएगी।
-सतीश कुमार शर्मा, सीओ उझानी