शहर में इन दिनों ठगों का गिरोह सक्रिय है, जो गलियों-कालोनियों में सामान बेचने के बहाने महिलाओं को अपने जाल में फांसकर ठगी कर रही है। अभी हाल में इस गिरोह की शिकार एक संपन्न और प्रतिष्ठित परिवार की महिला हुई हैं। घटना दो दिन पहले की है, लोग क्या कहेंगे? इस डर से उन्होंने इसका जिक्र घर में भी डरते-डरते किया। पुलिस को अभी तक सूचना नहीं दी गई।
शहर की एक कॉलोनी में नामचीन परिवार रहता है। दोपहर में डिटरजेंट बेचने और बर्तनों-गहनों की सफाई करने वाले दो बंदों ने इसी घर की बेल बजाई। घर पर महिला और नौकरानी थी। ठगों ने अपनी बातों का जाल बिछाया। मोहतरमा उसमें उलझ गईं। दोनों ठगों ने पहले तो बर्तन साफ किए। बर्तन जब चमकने लगे तो ठगों ने जेवर भी नए जैसे कराने की बात की। पहले तो वह कुछ सकुचाईं, लेकिन जब दोनों ने अपने सामने ही जेवर साफ करने को कहा तो वह मान गईं। सेफ से जेवर ले आईं।
ठगों ने जेवर को एक केमिकल में डालकर कुकर में रख दिया। कुछ देर बातों में उलझाने के बाद वह आंख बचाकर निकल गए। महिला को शंका हुई तो उन्होंने झट से कुकर को खोला तो उसमें जेवर गायब थे। ये देख उनके होश उड़ गए। बताते हैं कि जेवर एक-सवा लाख के थे। घबराई महिला ने इस बात का जिक्र भी किसी से नहीं किया। आखिर पति से कैसे छिपातीं, एक न एक दिन राज खुलता, सो उनको बता दिया। यह सुनकर पति ने भी माथा पकड़ लिया। उन्होंने भी इस बात का जिक्र करना मुनासिब नहीं समझा, क्यों कि इससे कुछ हासिल होने वाला नहीं था। खैर, ये खबर चर्चाओं के गलियारे में खूब घूम रही है। बताया जा रहा है इससे पहले भी शहर में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं, लोग ठगे जाने के कारण पुलिस के पास जाने से भी कतराते हैं।
ये था हुलिया
कॉलोनी में आए दो ठगों में एक की उम्र करीब 40 और एक की 30 के करीब थी। उनके पास एक लैपटॉप का बैग था। बीच-बीच में इंगलिश में भी बात कर रहे थे। खुद को वह कासगंज का रहने वाला बता रहे थे। उन्होंने महिला को ये भी बताया कि उनके पास जो केमिकल है, वो गुजरात की एक कंपनी का है। हम उसकी मार्केटिंग और सर्वे करने निकले हैं। इसका कोई शुल्क भी नहीं ले रहे हैं। इसके चलते महिलाएं उनकी बातों में आसानी से भी जाती हैं।