दुकानें हटाने का काम शुरू, दूसरे स्थानों पर शिफ्ट करने के लिए जद्दोजहद शुरू
हाईवे से 500 मीटर तक अब शराब की दुकानें नहीं चलेंगी। साफ है कि अब राजमार्गों पर शराब की बिक्री नहीं होगी। दिसंबर 2016 में आए सुप्रीम कोर्ट के इस अहम फैसले के चलते जिले में भी हाईवे के आस-पास से शराब की दुकानों को हटाने का काम शुरू हो गया है। जिले में हाईवे से करीब 110 से ज्यादा शराब दुकानें हटाए जाने का अनुमान है। एक अप्रैल से हाईवे के आस-पास शराब नहीं मिलेगी। शराब की इन दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण ही नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं हाईवे किनारे शराब के विज्ञापन और साइन बोर्ड भी नहीं लगाए जा सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2016 में उस याचिका पर फैसला सुनाया था जिसमें कहा गया था कि हाईवे के किनारे शराब की बिक्री से हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है। इस पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक अप्रैल 2017 से राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे शराब के ठेके बंद करने का आदेश दिया था। जिले से होकर बरेली-मथुरा, बदायूं-मेरठ, बदायूं-बिजनौर और मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे गुजरते हैं। इन हाईवे कि किनारे से फिर कुछ दूरी पर शराब की करीब 110 दुकानें हैं। इन दुकानों को अब हाईवे से 500 मीटर दूर शिफ्ट किया जाना है। शराब ठेकेदार इसके लिए जमीन की तलाश में जुट गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शराब की दुकानों को हाईवे से 500 मीटर दूर किया जा रहा है। इन दुकानों को शिफ्ट किया जाना है या नहीं इस बारे में अभी कुछ नहीं कह सकता।
-आरके शर्मा, जिला आबकारी अधिकारी