षष्ठम अपर जज के तबादले की मांग पर डटे जिला बार के अधिवक्ताओं का बहिष्कार चौथे दिन भी जारी रहा। इस बीच आठ वकीलों के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज कराने से बार एसोसिएशन के पदाधिकारी भड़क गए हैं। उन्होंने कहा, आंदोलन को तोड़ने की इस साजिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इस बाबत जिला बार का शिष्टमंडल एसएसपी से भी मिला और रिपोर्ट निरस्त कराने की मांग की।
चौथे दिन बहिष्कार के चलते जिला बार एसोसिएशन के सदस्यों ने न्यायालय षष्ठम अपर जज की अदालत में कोई न्यायिक कार्य नहीं किया। निरंतर चल रहे बहिष्कार की सूचना का फैक्स हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति और प्रशासनिक न्यायमूर्ति को भेजकर उन्हें स्थिति से अवगत कराया गया। वकीलों ने षष्ठम अपर जज के अविलंब तबादले की मांग को भी दोहराया।
इधर, बार से निष्कासित अधिवक्ता प्रेमपाल ने रविवार को थाना सिविल लाइंस में जिला बार के कई वरिष्ठ सदस्यों और पदाधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी। इसकी खबर मिलने पर अधिवक्ता भड़क गए। आननफानन में बार भवन के पुस्तकालय कक्ष में जिला बार अध्यक्ष रामपाल की अध्यक्षता में आपात बैठक बुलाई गई। वक्ताओं ने कहा कि निष्कासित वकील की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट कायराना एवं शरारत पूर्ण हैं। यह बार के शांतिपूर्ण आंदोलन को तोड़ने की साजिश है। इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। आपात बैठक मेंसर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के चलते देरशाम जिला बार अध्यक्ष और महासचिव पवन गुप्ता के संयुक्त नेतृत्व में 12 सदस्यीय शिष्टमंडल ने एसएसपी से भेंट करके फर्जी रिपोर्ट को निरस्त कराने की मांग के संबंध में ज्ञापन दिया। शिष्टमंडल में वरिष्ठ अधिवक्ता अतुलेशकांत, ब्रजनंदन शर्मा, सुयोग्य गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष अजयपाल गुप्ता, राजेश सिसौदिया, वैभव सक्सेना, कौशल यादव आदि शामिल थे।