अचौरा में निर्माणाधीन धर्मस्थल को लेकर हुए बवाल के मामले में सामान्य हालात के बावजूद गुरुवार को दोनों पक्ष के कई ग्रामीण घर लौट आए। ये लोग पकड़े जाने के डर से फरार हो गए थे। उधर, दोनों पक्ष के पैरोकारों ने जेल में बंद आरोपियों की जमानत को कवायद शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव अचौरा में शुक्रवार को निर्माणाधीन धर्मस्थल परिसर में इबादत की भनक पर दोनों पक्ष के लोगों ने बवाल कर दिया था। गांव में हालांकि अभी भी पुलिस और पीएसी तैनात है, लेकिन पुलिस ने फरार ग्रामीणों को घर लौट आने की जो पहल शुरू की दी थी, वह धीरे-धीरे रंग लाने लगी है। सूत्रों की मानें तो दोनों पक्ष के करीब एक दर्जन लोग घर लौट आए। इनमें ज्यादातर बुजुर्ग हैं, लेकिन नामजदगी के बाद से फरार लोगों में से कोई भी घर लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
बता दें कि पुलिस ने बवाल को लेकर 48 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी। नामजदों में से 35 को पहले दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था। ये लोग अभी न्यायिक अभिरक्षा में जेल में हैं। जेल में बंद आरोपियों की जमानत को पैरोकारी में जुटे दोनों पक्ष के कुछेक लोगों का कहना है कि इस दिशा में उन्होंने कानून के जानकारों से मशविरा भी किया है। सबकुछ सामान्य रहा तो उन्हें जल्द ही जमानत भी मिल सकती है। इधर, कोतवाल देवराज राठी ने बताया कि हालात सामान्य है। पुलिस की कोशिश है कि फिर से माहौल खराब नहीं हो।