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जेल से कोर्ट में पेशी पर आया अपहरण का आरोपी फरार

Thu, 22 Dec 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो/बदायूं
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जेल से कोर्ट में पेशी पर आया अपहरण का आरोपी फरार 
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जेल से कोर्ट में पेशी पर आया संभल में अपहरण का आरोपी गुरुवार को पुलिस को चकमा देकर कोर्ट परिसर से फरार हो गया। इससे पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसपी सिटी अनिल यादव, सीओ सिटी अभिषेक यादव फोर्स के साथ कोर्ट परिसर पहुंच गए। फरार बंदी की तलाश में चार टीमों के साथ एसओजी को भी लगा दिया गया है। कोर्ट परिसर स्थित कच्ची हवालात के लॉकअप मोहर्रिर रामेश चंद्र की ओर से बंदी की अभिरक्षा में लगे सिपाही राजेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट  दर्ज कराने को सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी गई है।
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फरार बंदी 23 वर्षीय राजू यादव पुत्र रामवीर यादव संभल जिले के थाना धनारी के गांव शेरा का निवासी है। उस पर संभल जिले के ही रजपुरा थाना क्षेत्र में अपहरण की वारदात अंजाम देने का मुकदमा दर्ज है। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने 31 अगस्त 2016 को राजू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गुरुवार को राजू की पेशी यहां बदायूं में एसीजेएम द्वितीय अमरजीत की कोर्ट में थी। जेल से उसको पेशी पर भेजा गया था। कोर्ट परिसर स्थित कच्ची हवालात से उसे सिपाही राजेंद्र की अभिरक्षा में कोर्ट में भेजा गया। यहां पेश होने के बाद कोर्ट ने अगली तारीख पांच जनवरी लगा दी। इसके बाद सिपाही राजेंद्र उसको वापस कच्ची हवालात ला रहा था। इसी बीच मौका पाकर राजू भाग निकला। सिपाही ने लॉकअप मोहर्रिर रमेश चंद्र को सूचना दी। उच्च अधिकारियों को भी सूचना दी गई। इससे पुलिस में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने कोर्ट परिसर पहुंच कर पूरे मामले में जानकारी ली। देर शाम लॉकअप मोहर्रिर की तहरीर पर सिपाही राजेंद्र और अपहरण के आरोपी राजू के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। पुलिस बंदी की गिरफ्तारी में जुटी हुई है। 

मामले में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। फरार हुए बंदी की गिरफ्तारी को छापामारी की जा रही है। बंदी की अभिरक्षा में लगे सिपाही के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। फरार बंदी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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-अनिल कुमार यादव, एसपी सिटी

जमानत खारिज होने पर जेल आकर मिला था राजू का भाई
रोपी राजू ने जिला जज की अदालत में जमानत के लिए अर्जी दी थी। इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने 20 दिसंबर को उसकी जमानत खारिज कर दी थी। इसके बाद 21 दिसंबर को राजू के भाई राजेश ने जेल में उससे मुलाकात की थी। कयास लगाए जा रहे हैं कि इसी दौरान राजू ने फरार होने की योजना बनाई थी। उसे यह भी पता था कि 22 दिसंबर को फिर से पेशी पर उसे कोर्ट जाना है। 
राजू की शादी जुलाई में हुई थी। शादी के करीब एक महीने बाद ही उसने अपहरण की वारदात को अंजाम दे दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सूत्रों का यह भी कहना है कि कोर्ट में पेशी के बाद जब राजू कच्ची हवालात लौट रहा था। उस दौरान उसने एक पुलिसकर्मी के मोबाइल से किसी को कॉल भी की थी। इस कॉल के बाद ही मौका पाकर सिपाही राजेंद्र सिंह को चकमा देकर वह कोर्ट के पूर्वी गेट से भाग निकला। सिपाही ने शोर भी मचाया लेकिन राजू हत्थे नहीं आ सका। इस शातिर की गिरफ्तारी अब पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
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