इकलौता वारिस होने से घरवालों में मचा कोहराम
नगर निवासी सीमेंट व्यापारी मनोज भारद्वाज का 18 वर्षीय इकलौता बेटा मुकुल भारद्वाज राजस्थान के कोटा नगर में रह कर मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वह करीब 15 दिन पहले ही वापस आया था। करीब 10 दिन पहले अचानक उसकी तबियत खराब हो गई। मुकुल को मुरादाबाद के सांई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
तबियत में सुधार न हो पाने पर चार दिन पहले उसे मुरादाबाद के ही कॉस्मोस हॉस्पिटल में भर्ती कराया। प्लेटलेट्स लगातार गिरने की वजह मंगलवार को कॅस्मोस हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने मुकुल को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के लिए भर्ती कराया। रात करीब 12 बजे मुकुल को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बुधवार सुबह शव के घर पहुंचते ही घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।