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मानव रहित क्रासिंग बंद करने पर गुस्सए लोगों ने रेल ट्रैक किया जाम, हंगामा
ग्रामीणों की रेलवे अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई, सांसद की शिकायत
भीड़ ने रेलवे कर्मचारियों को दौड़ाया, पुलिस ने डंडे फटकार कर खाली कराया ट्रैक
बाद में पुलिस के पहुंचने पर बंद कराया गया बाबेपुर का क्रासिंग
पुलिस की सूझबूझ से पास हो सकी ऊना-हिमाचल एक्सप्रेस
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं/ दबतोरी। रेलवे आसफपुर-करेंगी के बीच सभी मानव रहित रेलवे क्रासिंग बंद कर रहा है। मगर आम लोग इसके विरोध में हैं। रविवार को बाबेपुर स्थित 25 मानव रहित क्रासिंग बंद करने को लेकर घंटों हंगामा चलता रहा। फाटक बंद किए जाने की सूचना पर इकट्ठे हुए ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक जाम कर हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ ने फाटक बंद करने पहुंचे लोगों को दौड़ा लिया। इसको लेकर पब्लिक और रेलवे अधिकारियों की नोंकझोक भी हुई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने समझाने की कोशिश की। लोग नहीं माने तो डंडे फटकार कर रेलवे ट्रैक खाली कराया। लोगों ने सपा सांसद धर्मेंद्र यादव से शिकायत की। सांसद ने रेलवे के आला अधिकारियों से बात की। मगर बाद में मानव रहित रेलवे क्रासिंग बंद कर दिया गया।
रविवार सुबह को रेलवे विभाग के अधिकारी बाबेपुर मानव रहित क्रासिंग को बंद करने को जेसीबी लेकर पहुंच गए। मजदूरों फाटक बंद करने का पता लगने पर बाबेपुर, संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर, धनुपुरा आदि गांवों के सैकड़ों लोग मौके पर जा पहुंचे और उन्होंने फाटक बंद कर रहे रेलवे कर्मचारियों को दौड़ा दिया। रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर हंगामा करने लगे। सूचना मिलते ही कोतवाल बिसौली ओपी गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और चंदौसी आरपीएफ थाना प्रभारी बलजीत भी फोर्स के साथ मौके पर जा पहुंचे।
रेलवे ट्रैक पर ग्रामीणों की भीड़ देखकर पुलिस के हाथ पैर फूल गए। उधर, आसफपुर रेलवे स्टेशन पर ऊना- हिमाचल एक्सप्रेस दिल्ली से बरेली जाने के लिए पहुंच चुकी थी। कोतवाल ने विरोध कर रहे लोगों को समझाकर ट्रैक खाली करा दिया। इसके बाद ऊना -हिमाचल एक्सप्रेस को धीमी गति से निकाला गया। उसके जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
मगर ट्रेन गुजरने के बाद दोबारा लोग रेलवे ट्रैक पर खड़े हो गए। कोतवाल से कुछ लोगों ने एक बजे तक काम रुकवाने को कहा। कोतवाल और रेलवे कर्मियों ने मान लिया। इस बीच लक्ष्मीपुर के पूर्व प्रधान शब्बीर अहमद ने सांसद धर्मेंद्र यादव से फोन पर बातचीत की। सांसद ने कुछ समय का इंतजार करने को कहा। ग्रामीणों के मुताबिक सांसद ने रेल महाप्रबंधक से फोन पर बात की। रेल महाप्रबंधक ने जांच कराने का आश्वासन दिया। दोपहर एक बजे तक कोई आदेश रुकवाने का नहीं मिलने पर ग्रामीणों को पटरी से हटाकर फाटक को बंद कराने का काम शुरू कर दिया गया। हालांकि कुछ शरारती लोगों को हटाने को पुलिस को जमीन में लाठी भी भांजनी पड़ी।
इस दौरान कोतवाल ओपी गौतम, आरपीएफ प्रभारी चंदौसी बलजीत, मंडल रेल सहायक अभियंता सुखवीर सिंह, सीनियर इंजीनियर विनेश कुमार, इंजीनियर कयामत अली आदि मौजूद थे।
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मस्जिदों से किया गया था ऐलान-
दबतोरी। क्षेत्र के लोग नहीं चाहते थे कि मानव रहित क्रासिंग बंद हो। वह जानते थे कि भीड़ के आगे रेलवे महकमे को अपने पांव पीछे खींचने पड़ सकते हैं। सो क्षेत्र के एक गांव की सभी मस्जिदों से इस बात का ऐलान किया गया था कि वह क्रासिंग को बंद कराने के विरोध में मौके पर पहुंचें। सो भारी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। तब उन्होंने क्रासिंग को बंद करने का विरोध किया।
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सांसद से पहले भी मिले थे लोग
दबतोरी। मानव रहित रेलवे क्रासिंग को बंद होने की गांव संग्रामपुर के लोगों को पहले ही जानकारी हो गई थी। सो वह प्रधान मोहम्मद जमीर के नेतृत्व में गत 21 सितंबर को सांसद धर्मेंद्र यादव से मिले थे। सांसद न रेल महाप्रबंधक मुरादाबाद को इस संबंध में पत्र लिखकर फाटक बंद नहीं करने की अपील की थी। लेकिन सांसद के दबाव को भी रेलवे महकमे ने नहीं माना।
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ततारपुर के लोगों से मिले अधिकारी
दबतोरी। मानव रहित रेलवे क्रासिंग ततारपुर को भी बंद किया जाएगा। वहां के लोग किसी तरह का विरोध नहीं करें सो उनसे मिलने को पिछले दिनों एसडीएम मोहम्मद आवेश के साथ ही रेलवे के अधिकारी थे। यहां बता दें कि विरोध में पिछले दिनों ततारपुर और आसपास के काफी लोगों ने रेलवे ट्रेक जाम कर दिया था। एडीएम ने पूरी स्थिति से पत्र के जरिए डीएम को अवगत कराया। डीएम ने रेलवे अधिकारियों को पत्र भेजा, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। रेल मंडल सहायक अभियंता चंदौसी सुखवीर सिंह ने बताया कि वह रेलवे की एक अधिकारियों की टीम के साथ एसडीएम को साथ लेकर ततारपुर गांव के लोगों से बातचीत करने गए थे और उनको स्पष्ट बता दिया गया कि यह फाटक भी बंद होना है।
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केबिन फाटक भी जल्द होंगे बंद
दबतोरी। सहायक इंजीनियर सुखबीर सिहं ने रविवार को बताया कि क्षेत्र के सभी मानव रहित क्रासिंग बंद किए जा रहे हैं और इसके बाद केबिन रेल फाटक पर अंडर पास बनाकर क्रासिंग फाटकों को भी जल्द बंद करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी । रेल पटरियों से होकर किसी को कहीं कोई रास्ता नहीं दिया जाएगा, ताकि रेल हादसों को रोका जा सके ।