बदायूं। गैंग चार्ट का गलत तरीके से अनुमोदन करने पर डीएम और एसएसपी फंस गए हैं। स्पेशल जज, गैंगस्टर एक्ट देवराज प्रसाद सिंह ने दोनों आला अफसरों से लिखित में 18 मार्च तक जवाब मांगा है।
मामला दातागंज कोतवाली से जुड़ा है। कोतवाली पुलिस ने गांव धीमरपुरा निवासी नन्हें पुत्र प्यारे पर गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए एसएसपी को रिपोर्ट भेजी थी। गैंगचार्ट में उस पर एक हत्या और एक गैरा इरादतन हत्या का मामला दर्शाया गया था। एसएसपी ने गैंगचार्ट अनुमोदन को डीएम के यहां भेज दिया। डीएम ने गैंगचार्ट का अनुमोदन कर दिया। इस पर इंसपेक्टर अमृत लाल ने 31 अक्तूबर 2018 को नन्हे आदि के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया। इस वक्त नन्हे जेल में है। उसने अपने अधिवक्ता से कहा कि गैंगचार्ट में जो उस पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्शाया गया है वह उस पर कभी नहीं हुआ है। तब स्पेशल जज देवराज प्रसाद सिंह ने कोतवाली दातागंज पुलिस से पूरी रिपोर्ट मांगी। खुलासा हुआ कि नन्हे के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला कभी दर्ज ही नहीं हुआ है। स्पेशल जज ने अपने नोटिस में इस बात को कहा है कि जब नन्हे पर गैर इरादतन हत्या का मामला नहीं है तब गलत तरीके से कैसे गैंगचार्ट अनुमोदित कर दिया गया। यह मामला प्रथम दृष्ट्या गैंगस्टर एक्ट के दुरुपयोग का है अत: डीएम और एसएसपी इस संबंध में 18 मार्च तक अपना लिखित स्पष्टीकरण कोर्ट में प्रस्तुत करें, ताकि आगे की कार्रवाई अमल में लाकर दोष को निर्धारित किया जा सके।