जंगल में घुमंतू पशुओं को मांस तस्करों ने बनाया शिकार
इलाके में तनाव, ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ की नारेबाजी
बेखौफ हुए मांस तस्करों ने रविवार रात उघैती थाना क्षेत्र के गांव बरा बरबारा-रियोनाई के जंगल में घुमंतू गोवंशीय पशुओं को शिकार बनाया। तस्करों ने यहां करीब 50 गोवंशीय पशुओं का वध किया और मांस गाड़ियों में भरकर ले गए। सोमवार खेत पर पहुंचे ग्रामीणों ने गोवंशीय पशुओं के अवशेष और खून पड़ा देखा तो आक्रोश फैल गया। कई गांवों के लोग मौके पर जमा हो गए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सहसवान-बिसौली रोड जाम कर दिया। खबर मिलने पर पहुंचे एसओ उघैती को भी ग्रामीणों ने खरी-खोटी सुनाईं। बाद में कई थानों की पुलिस बुलाकर स्थिति पर काबू पाया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है।
उघैती थाना क्षेत्र में मांस तस्कर लंबे समय से सक्रिय हैं। तस्करों के निशाने पर यहां के जंगलों में घूमने वाले गोवंशीय पशु रहते हैं। रविवार रात सहसवान-बिसौली रोड पर गांव बरा बरबारा और रियोनाई के जंगलों में मांस तस्करों ने धावा बोलकर आराम कर रहे पशुओं को पहले गोलियों से मारा। बाद में इनको काट कर मांस भरकर ले गए। गांव के लोगों ने थाना पुलिस को फोन किया, लेकिन कोई नहीं आया। बाद में 100 नंबर पर भी फोन किया गया। यह फोन भी रिसीव नहीं हुआ।
गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सहसवान-बिसौली रोड जाम कर दिया। इसके बाद एसओ उघैती अवनीश यादव मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की एसओ से नोकझोंक हो गई। हालात बिगड़ने पर बिल्सी और इस्लामनगर पुलिस के साथ सीओ अभिषेक यादव भी पहुंच गए। तब स्थिति शांत हुई। गांव के रामबाबू के खेत में 10, बाबूराम के खेत में 15, रामनिवास के खेत में 12, वेदपाल के खेत में आठ और सौदान के खेत में पांच पशुओं के अवशेष मिले। पुलिस ने इनको दफन करा दिया है। मामले में अज्ञात मांस तस्करों के खिलाफ गोवध अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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तीन दिन पहले 12 पशुओं काटे गए थे जंगल में
उघैती। थाना क्षेत्र में मांस तस्कर बड़े पैमाने पर घुमंतू गोवंशीय पशुओं को निशाना बना रहे हैं। तीन दिन पहले मांस तस्करों ने थाना क्षेत्र के गांव क्यावली के जंगल में 12 पशुओं का वध करने के बाद तस्कर मांस भरकर ले गए थे। पुलिस ने आनन-फानन में पशुओं के अवशेष दफन कर दिए। मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उघैती थाना क्षेत्र में घुमंतू गोवंशीय पशु बहुतायत में हैं। ऐसे में मांस तस्कर इनको निशाना बना रहे हैं। पुलिस के ढुलमुल रवैये से मांस तस्करों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। क्यावली मामले में अगर उघैती पुलिस ने कर्रवाई की होती तो तीसरे दिन बरा बरबारा और रियोनाई के जंगल में बदमाशों ने वारदात को अंजाम दे दिया। लगातार दूसरी घटना से इलाके के लोगों में पुलिस के प्रति गुस्सा है। आरोप है कि इलाके में पुलिस की मिलीभगत से ही पशुओं का वध हो रहा है।
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आईजी के आदेश पर नहीं हो रहा अमल
बदायूं। बरेली जोन के आईजी विजय मीणा ने शनिवार को पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित गोष्ठी में सभी थानेदारों को रोड गश्त तेज करने का आदेश दिया था। उघैती की घटना से पुलिस गश्त की पोल खुल गई है। सहसवान-बिसौली रोड पर अक्सर लूटपाट की संगीन वारदात होती रही हैं। इसके बावजूद रोड से सटे गांव में मांस तस्कर पूरी रात पशुओं का वध करते रहे और गश्त के नाम पर पुलिस का एक सिपाही भी यहां से नहीं गुजरा।
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रात में ही दी गई थी थाना पुलिस को खबर
उघैती। गांव के जंगल में फायरिंग होने की सूचना रात में ही गांव के लोगों ने एसओ अवनीश यादव के सीयूजी नंबर पर देने के लिए फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद रात में ही कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर फोन किया। इसके बावजूद पुलिस सुबह तब मौके पर पहुंची जब ग्रामीण पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सहसवान-बिसौली रोड पर जाम लगाकर बैठ गए। एसओ उघैती अवनीश यादव का कहना है कि उनको रात में कोई सूचना नहीं मिली। अगर सूचना मिलती तो वह मौके पर पहुंचते।
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अपराध हुआ है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। थाना पुलिस को जल्द से जल्द पशुओं का वध करने वालों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया है। इलाके में तनाव जैसी कोई स्थिति नहीं है।
-संजय राय, एसपी देहात