ॉउघैती (बदायूं)। रविवार तड़के उघैती पुलिस की बदमाशों से एक बार फिर मुठभेड़ हो गई, जिसमें तीन बदमाश पैरों में गोली लगने से घायल हो गए। जबकि दो सिपाहियों के मामूली चोटें आईं। पुलिस के मुताबिक दो बदमाश फरार होने में कामयाब रहे। पकड़े गए बदमाशों को प्राथमिक उपचार के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक बदमाशों से मुठभेड़ रविवार सुबह करीब पांच बजे हुई।
पुलिस को सूचना मिली कि कुछ बदमाश ग्राम बरबारा मोड़ के पास सरकारी ट्यूबवैल के पीछे किसी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इस पर एसओ उघैती ललित कुमार और सर्विलांस प्रभारी इंस्पेक्टर रामगोपाल शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बदमाशों की घेराबंदी कर ली। बदमाशों को इसका अहसास हो गया। बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाब में फायरिंग की। जिसमें 25 हजार का इनामी बदमाश प्रेमपाल उर्फ चौधरिया पुत्र आसाराम निवासी रियोनाई उघैती, हरिकृष्ण उर्फ गटुआ पुत्र भूपराम निवासी ढकिया नगर थाना बिलारी जिला मुरादाबाद और हिस्ट्रीशीटर अवनेश पुत्र रामबाबू निवासी मोहल्ला पवनपुरी कस्बा रुदायन के पैरों में गोली लगी, जिससे वे घायल हो गए। इसके बाद तीनों बदमाशों को पुलिस ने दबोच लिया गया। उनसे एक-एक तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं। जबकि इस मुठभेड़ में सिपाही पुलकित कुमार और राकेश कुमार मामूली घायल हो गए। मुठभेड़ के बाद पुलिस तीनों बदमाशों और सिपाहियों को जिला अस्पताल ले गई। फिर प्राथमिक उपचार के बाद तीनों बदमाशों को जेल भेज दिया गया। सिपाही वापस थाने भेज दिए गए। पुलिस मौके से फरार सुमित उर्फ कर्रू पुत्र सोनपाल निवासी ग्राम कोका थाना बिल्सी और सीटू गौतम पुत्र शिवचरण निवासी मईकला थाना इस्लामनगर की तलाश में जुट गई है।
चौधरिया पर दर्ज हैं दो दर्जन मुकदमे
25 हजार का इनामी बदमाश प्रेमपाल उर्फ चौधरिया के खिलाफ बिल्सी, उघैती, बिनावर, मूसाझाग, सोरों कासगंज आदि थानों में संगीन धाराओं में दो दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। जबकि अवनेश के खिलाफ इस्लामनगर, आंवला बरेली, फतेहगंज पूर्वी बरेली, उघैती में 12 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं हरिकृष्ण उर्फ गटुआ पर बिलारी मुरादाबाद और उघैती में 13 मुकदमे दर्ज हैं।
निशाने में चूक या प्रमोशन का तरीका
उघैती थाने का जब से एसआई ललित कुमार ने चार्ज संभाला है। तब से बदमाशों से तीन बार मुठभेड़ हो चुकी है। पहली मुठभेड़ में बदमाश फरार होने में कामयाब रहे थे। दूसरी मुठभेड़ में बदमाश अबरार पैर में गोली लगने से घायल हुआ। जबकि तीसरी मुठभेड़ में भी तीन बदमाशों को पैर में गोली लगी। लगातार पैर में गोली लगने से पुलिस की निशाने बाजी पर सवाल उठने लगे हैं। यह पुलिस की निशानेबाजी में चूक है या फिर कहीं प्रमोशन का तरीका तो नहीं।