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एएमयू के प्रोफेसर की निकली बदमाश से मिली रिवाल्वर

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. मुहम्मद आसिफ - फोटो : अमर उजाला
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कादरचौक (बदायूं)। दो महीने पहले शिक्षिका से लूट के बाद मुठभेड़ में बदमाशों से बरामद हुई रिवाल्वर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर की निकली। कई आर्डिनेंस फैक्ट्री में खोजबीन के बाद इसका खुलासा हो सका। बदमाश से बरामद बाइक भी दिल्ली की निकली है।
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14 अक्तूबर को उझानी की शिक्षिका ममता सक्सेना से लूट की गई थी। लूट के बाद भागे बदमाशों की घेराबंदी करके कादरचौक पुलिस ने अबरार पुत्र अख्तर निवासी मुबारकपुर थाना ढोलना जिला कासगंज और इसी जिले के गंज डुंडवारा निवासी यूनिस पुत्र छुन्ने खां को पकड़ा था। आरोपी बदमाशों से शिक्षिका के जेवरात भी बरामद हुए थे। बदमाशों से एक बाइक और एक लाइसेंसी रिवाल्वर मिला था। बाइक की नंबर प्लेट बदली हुई थी जबकि रिवाल्वर के नंबर को पीटकर मिटा दिया गया था। गिरफ्तार बदमाशों को खुद पता नहीं था कि रिवाल्वर कब और किससे लूटी थी। वह इसे दूसरे बदमाशों से लेना बताकर पल्ला झाड़ रहे थे। पुलिस को रिवाल्वर का असली मालिक खोजना बड़ी चुनौती थी। थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह ने इस काम की जिम्मेदारी दरोगा योगेंद्र को सौंपी। लगातार दो माह तक भागदौड़ के बाद रिवाल्वर का पता लगाने मे पुलिस कामयाब हो गई।
दरोगा योगेंद्र कुमार कई आर्डिनेंस फैक्ट्री में गए। रिवाल्वर के गुप्त कोड के माध्यम से कानपुर की फील्डगन फैक्ट्री ने कंप्यूटर पर डाटा डालकर जांच की तो पता चला कि यह उन्हीं की फैक्ट्री से तैयार की गई रिवाल्वर है। कंपनी ने उसी डाटा के आधार पर खरीदार का पता बताया। उस पते पर पहुंचकर पुलिस ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. मुहम्मद आसिफ के यहां संपर्क किया तो खुलासा हो गया।
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बंद कोठी से दो साल पहले चुराई थी रिवाल्वर
अलीगढ़ के थाना सिविल लाइन अंतर्गत कविनगर निवासी प्रोफेसर आसिफ दिसंबर 2014 में विदेश गए थे। घर पर बदायूं के मीरा सराय निवासी अपने ससुर ताकिब को देखभाल करने के लिए छोड़ दिया था। घर पर कुछ काम की वजह से ताकिब बदायूं आ गए थे। कोठी में ताला लगा दिया था। तभी बदमाशों ने प्रोफेसर की कोठी के ताले तोड़कर चोरी कर ली। इसमें लाखों के जेवरात के साथ ही लुटेरे प्रोफेसर की लाइसेंसी रिवाल्वर भी चोरी कर ले गए। इसकी रिपोर्ट भी अलीगढ़ के सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई गई थी।
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बाइक निकली दिल्ली की
कादरचौक। बदमाशों के पास से एक पल्सर बाइक भी बरामद की गई थी। इसकी नंबर प्लेट बदल दी थी। इंजन नंबर से पुलिस ने पता लगाया तो बाइक भी दिल्ली के अकबरपुर निवासी एक व्यक्ति की है। पुलिस ने इसकी सूचना भिजवाई है।
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लॉक खुल जाता तो जाती दरोगा की जान
कादरचौक। अक्तूबर में शिक्षिका से लूट की घटना के बाद बदमाशों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की गई थी। तब बदमाश बाइक छोड़कर कस्बे में ही तमंचे से फायर करने लगे। दरोगा वीरेश शुक्ला ने जैसे ही एक बदमाश को पकड़ा तो उसने दरोगा के सीने पर यही रिवाल्वर रखकर ट्रिगर दबा दिया। गनीमत रही कि उस वक्त रिवाल्वर का लॉक नहीं खुला वर्ना अनहोनी हो सकती थी। बाद में बदमाश को रिवाल्वर समेत कब्जे में ले लिया गया।
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