डीएम दिनेश कुमार सिंह की निर्देश पर जिले में अब तक तमाम भू-माफिया पर कार्रवाई हुई है, लेकिन फिर भी प्रभावशाली भू-माफिया बाज नहीं आ रहे हैं। सहसवान में एक ऐसा मामला आया जिसने प्रशासन में ही खलबली मचा दी। कुछ भू-माफिया ने लोकनिर्माण विभाग की जमीन का ही बैनामा करा दिया। जांच में जब सब उजागर हुआ तो डीएम ने उन भू-माफिया और खरीदने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश अधिशासी अभियंता दिए। ईई ने उन सभी के खिलाफ संगीन धाराओं में सहसवान कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
मोहल्ला शहबाजपुर निवासी वसीम खां, नवाब अली और अनस नामक ने अप्रैल में डीएम को एक शिकायती पत्र देकर कहा था कि सहसवान नगर में भू-माफिया ने लोक निर्माण विभाग की जमीन को ही बेच दिया है। डीएम दिनेश कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया और इसकी जांच एसडीएम सहसवान को सौंप दी। एसडीएम ने तहसीलदार के साथ ही राजस्व टीम के साथ जांच की तो मामला सही पाया गया। जांच में आया कि भू-माफिया ने पीडब्ल्यूडी की जमीन का बैनामा करा दिया है। एसडीएम ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी।
डीएम ने 21 जून को एसडीएम सहसवान को आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे।
लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार की तहरीर के आधार पर सहसवान कोतवाली पुलिस ने सरकारी जमीन बेचने वाले भू-माफिया शहबाजपुर निवासी रामबहादुर, नवल किशोर, पंकज, राजकुमार और शकुंतला पत्नी विनोद के साथ ही जमीन खरीदने वाले नवादा निवासी राशिद पुत्र जाहिद के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। सभी फरार बताए जा रहे हैं।
डीएम दिनेश कुमार सिंह ने कहा है कि किसी भी तरह की जमीन पर कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यदि किसी राजस्व कर्मी की भूमिका संदिग्ध पायी जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।