खाद घोटाले में कई और नाम सामने आए, छह के खिलाफ तहरीर दी
बदायूं। पीसीएफ के गोदाम से करीब तीन करोड़ रुपये की यूरिया, डीएपी और एनपीके खाद गायब करने के मामले में घोटालेबाजों के नाम बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को घोटाला सामने आने पर गोदाम प्रभारी ने दो आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी थी। छानबीन के दौरान रविवार को खाद घोटाला करने वालों में चार अन्य लोगों के नाम सामने आए। रविवार शाम जांच टीम के इंचार्ज एआर कोआपरेटिव की ओर से छह लोगों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी गई। उधर, खुलासा हुआ है कि पीसीएफ अफसरों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए खाद गायब करने के आरोप में तीन चौकीदारों के खिलाफ पहले ही रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
सहकारी समितियों से खाद न मिलने की वजह से किसान परेशान थे। कुछ भाजपा नेताओं ने छानबीन की तो गोदाम से खाद गायब होने की बात सामने आई। इस पर एसके इंटर कॉलेेज के ग्राउंड स्थित पीसीएफ के गोदाम से खाद गायब होने की शिकायत डीएम दिनेश कुमार सिंह से की थी। डीएम ने तत्काल तीन अफसरों की टीम गठित कर शनिवार को पीसीएफ गोदाम चेक करने भेजा। टीम को देखकर गोदाम प्रभारी जगतपाल मौके से फरार हो गया। गोदाम पर मौजूद रहे प्रभारी धीरेंद्र कुमार ने जांच टीम को पूरा रिकार्ड दिखाया। जांच टीम ने अपनी प्रारंभिक जांच शनिवार डीएम को सौंप दी। जिसमें बताया गया कि करीब तीन करोड़ की 3102 मीट्रिक टन खाद गायब है। शनिवार देर शाम एआर कोआपरेटिव राघवेंद्र की ओर से जगतपाल समेत दो गोदाम प्रभारियों के खिलाफ तहरीर दी गई थी। हालांकि इस तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उधर, अफसरों ने अपनी जांच जारी रखी।
तीन करोड़ के खाद घोटाले का मामला शासन में पहुंचा तो खलबली मच गई। रविवार को दिनभर चली छानबीन के बाद एआर कोआपरेटिव राघवेंद्र की ओर से दूसरी तहरीर दी गई। इसमें गोदाम प्रभारी जगतपाल, तत्कालीन पीसीएफ अफसर, भगवतीपुर के गोदाम प्रभारी, इफको और पीसीएफ के परिवहन ठेकेदारों, इफको प्रतिनिधि के खिलाफ भी तहरीर दी गई है। इसके अलावा गोदाम से जिन समितियों को खाद कागजों में भेजी उनके प्रभारियों को भी तहरीर में शामिल किया गया है। हालांकि रविवार देर शाम तक दूसरी तहरीर पर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी। छह लोगों के खिलाफ तहरीर दिए जाने की एआर कोआपरेटिव राघवेंद्र ने भी पुष्टि की।
उधर, यह खुलासा हुआ है कि खाद घोटाले में पीसीएफ अफसरों ने खुद की गर्दन बचाने के लिए कोशिश पहले से शुरू कर दी थी। तीन दिन पहले शुक्रवार को पीसीएफ के जिला प्रबंधक अशोक शर्मा की ओर से गोदाम के चौकीदार नेम सिंह, बदन सिंह, मुनीश चंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिला प्रबंधक अशोक शर्मा के मुताबिक तीन दिन पहले बरेली से आरएम कोआपरेटिव इस मामले की जांच करने आए थे। आरएम के कहने पर गोदाम प्रभारी जगतपाल ने रिकार्ड नहीं दिखाया था। उन्होंने गोदाम चेक किया तो आए माल से खाद का स्टाक कम पाया गया। खाद गायब होने के लिए चौकीदारों को दोषी मानकर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।
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आरोपी जगतपाल की देखरेख में चल रहे पीसीएफ के आठ गोदाम सील
बदायूं। तीन करोड़ का खाद घोटाला सामने आने के बाद रविवार को भगवतीपुर गोदाम प्रभारी जगतपाल के चार्ज में चल रहे आठ गोदाम एफसीआई के जिला प्रबंधक अशोक शर्मा ने सील कर दिए। हालांकि आठों गोदाम एक ही परिसर में हैं।
डीएम ने जांच टीम का नोडल अधिकारी एआर कोऑपरेटिव राघवेंद्र सिंह को बनाया है। उन्होंने टीम सदस्यों के साथ रविवार को दिन भर आठों गोदामों के अभिलेख चेक किए। उनके निर्देश पर आठों गोदाम रविवार शाम सील कर दिए गए। उन्होंने पीसीएफ अधिकारियों से कहा है कि तब तक गोदाम के ताले न खोले जाएं, जब तक स्टॉक का मिलान नहीं हो जाता।
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सीएम तक पहुंचा मामला
रविवार को मुख्यमंत्री शाहजहांपुर पहुंचे थे। खाद घोटाला अखबारों की सुर्खियां बनने पर जिले के जनप्रतिनिधियों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की। इस पर सीएम ने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होने चाहिए।
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मामले की छानबीन जारी है। इस घोटाले में जो शामिल होगा सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। इसमें किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
-दिनेश कुमार सिंह, डीएम