मूसाझाग थाना क्षेत्र में हुए बुआ-भतीजी दुष्कर्म प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। परिवार वालों ने थाना पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया था। एसएसपी ने मूसाझाग एसओ से जांच हटाकर क्राइम ब्रांच को सौंपी है।
दो मार्च की शाम मूसाझाग थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी बुआ-भतीजी शौच के लिए गई थीं। उसी समय गांव के चार युवकों ने उन्हें दबोच लिया और गन्ने के खेत में लेकर जाकर दोनों के साथ दुष्कर्म किया। थाना पुलिस घटना को मारपीट मान रही थी। पुलिस ने एक दिन पहले ही पीड़िताओं के परिवार के लोगों का शांतिभंग में चालान किया था। थाना पुलिस ने जब उनकी तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की, पीड़िताओं ने एसएसपी से कार्रवाई की गुहार लगाई। कई दिनों तक पुलिस मामले को लटकाए रही। करीब पंद्रह दिन बाद पुलिस ने चार युवकों समेत करीब 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। बाद में बुआ-भतीजी ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। थाने से लेकर जिला मुख्यालय तक चक्कर लगाए, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अंत में पीड़िताओं ने किसी दूसरी थाना पुलिस से विवेचना कराने की मांग की। एसएसपी अशोक कुमार ने इस घटना की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मूसाझाग एसओ राकेश चौहान ने बताया कि इस घटना की जांच उनसे हटा ली गई है। अब क्राइम ब्रांच इसकी जांच कर रही है।