बिनावर।
साथी की बेवफाई से क्षुब्ध होकर एक हिजड़े ने सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। जहर खाने से पहले हिजड़े ने फोन करके अपनी बहन को पूरे मामले से अवगत कराया। कहा कि उसकी मौत के लिए दो लोग जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। बहन ने अपने दूसरे भाई को इसकी जानकारी दी। इसके बाद भाई ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में मृतक के दो साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिनमें एक हिजड़ा है।
मूलरूप से शाहजहांपुर जिले के थाना मदनापुर क्षेत्र के गांव केशवपुर निवासी 28 वर्षीय हिजड़े लक्ष्मी उर्फ मुकेश पिछले 10-12 सालों से बिनावर के नई बस्ती मोहल्ले में सुनीता उर्फ लड़ैता के साथ रहता था। वहीं बरेली के नवाबगंज का हिजड़ा सपना के अलावा ड्राइवर नूर हसन निवासी भसराला अलापुर और अशोक निवासी धुमरी थाना लोथरा (एटा) भी रहते थे। नूर हसन सुनीता की वैन चलाता था, जबकि अशोक ढोलक बजाता था। पुलिस के मुताबिक पिछले कई सालों से नूर हसन लक्ष्मी के काफी नजदीक था, मगर पिछले चार-पांच महीने से सपना और नूर हसन की नजदीकी बढ़ गई। इन दोनों की नजदीकी लक्ष्मी को पसंद नहीं थी, जिसका वह विरोध करती थी। इसी को लेकर तीनों के बीच आए दिन झगड़ा भी होता था।
काफी समझाने के बावजूद नूर हसन अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो लक्ष्मी मानसिक तनाव में रहने लगी। मंगलवार दोपहर लक्ष्मी ने सल्फास की गोलियां खा लीं। इसके बाद उसने अपनी बहन राधा पत्नी सुरेश निवासी वरूआ पैना थाना मदनापुर (शाहजहांपुर) को फोन करके जहर खाने की बात बताई और इसके लिए सपना और नूर हसन को जिम्मेदार बताया। उधर, हालत बिगड़ने पर उसे सपना और नूर हसन बदायूं के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां से बरेली भेज दिया गया। जहां मंगलवार शाम उसकी मौत हो गई। साथ वाले लक्ष्मी का शव बिनावर ले आए और रात में ही इसकी सूचना पुलिस को दी गई। बिनावर पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम को भेजा।
लक्ष्मी के फोन करने पर उसकी बहन राधा और बहनोई सुरेश मंगलवार रात बिनावर पहुंचे। मगर तब तक लक्ष्मी दुनिया छोड़ चुका था। इसकी सूचना मिलने पर बुधवार सुबह भाई रूप सिंह और परिवार के अन्य लोग बिनावर पहुंच गए। उन्होंने लक्ष्मी की हत्या का आरोप उसके साथियों पर लगाया। मगर बाद में आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की तहरीर दी गई।
पुलिस के मुताबिक इन सबकी उस्ताद सुनीता मंगलवार को किसी काम से बरेली गई थी। लक्ष्मी के जहर खाने की सूचना मिलने पर वह अस्पताल पहुंची। तब तक लगभग सब कुछ खत्म हो चुका था।
इस संबंध में एसओ, बिनावर संजय राय का कहना है कि लक्ष्मी उर्फ मुकेश के भाई रूप सिंह की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इसमें सपना और नूर हसन को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोपी बनाया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
लक्ष्मी भावनात्मक रूप से जुड़ा था नूर हसन से
बिनावर। लक्ष्मी और वैन चालक नूर हसन पिछले कई सालों से एक-दूसरे के साथ रहते थे। लक्ष्मी- नूरहसन का काफी ख्याल रखता था। वह जो कुछ कमाता नूर हसन पर खर्च कर देता था। अचानक नूर हसन की बेवफाई ने उसे तोड़ दिया। पहले तो उसने नूर हसन को अपने अहसानों की दुहाई देकर समझाने की कोशिश की। इसके बाद भी नहीं माना तो मानसिक तनाव में आकर आत्मघाती कदम उठा लिया।