बदायूं। पुलिस की कमजोर नीति, खाकी का घटता इकबाल। वजह चाहे जो भी हो, लेकिन पुलिस पर हमले के मामले आए दिन होने लगे हैं। यहां जिले में भी पुलिस पर कई बार हमले हो चुके हैं।
हाल ही में पुलिस पर हमले की घटना पांच सितंबर को फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र में हुई थी। यहां गंगोली गांव के युवक दीपक की हादसे में मौत हो गई थी। इससे गुस्साए लोगों ने जाम लगाया। पुलिस वाले समझाने पहुंचे तो भीड़ ने शांत होने के बजाय पथराव कर दिया। इसमें दरोगा सुरेंद्र और चार सिपाही घायल हुए थे। इस मामले में 250 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट हुई थी, जिनमें 50 लोग नामजद किए गए थे।
16 अगस्त को बिल्सी इलाके के बेहटा गुसाई में जन्माष्टमी का जुलूस निकालने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। पुलिस मामला शांत कराने पहुंची तो भीड़ ने खाकी वर्दी वालों पर पथराव किया और फायरिंग की। दो दरोगा समेत कई पुलिस वाले घायल हुए थे और कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त कर दी गई थीं। तीन महीने पहले उघैती इलाके में स्थित एक मंदिर पर दो पक्ष अपना हक जता रहे थे। मंदिर में बंटा प्रसाद खाने के बाद दो बच्चों की मौत हो गई थी। हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंची तो लोगों ने पथराव किया और थाने की जीप में आग लगा दी थी।