दातागंज (बदायूं)। तहसील क्षेत्र के गांव जमालपुर में दो दर्जन से अधिक युवा और अधेड़ वृद्धावस्था पेंशन ले रहे हैं। इस पूरे मामले को प्रधानपति और गांव के लोगों ने अधिकारियों तक पहुंचाया है। चर्चा इस बात की है कि दलालों ने इस काम को अंजाम दिया है, हालांकि यह तो सब जांच के बाद ही सामने आएगा ।
शासन-प्रशासन की मंशा रहती है कि हर योजना का लाभ पात्रों को ही मिले, लेकिन फिर भी सांठगांठ के चलते अपात्र योजना का लाभ लेने से पीछे नहीं रहते हैं। कुछ ऐसा ही यहां वृद्धावस्था पेंशन के मामले में हुआ। गांव जमालपुर के युवाओं को जब यह पेंशन मिलने लगी तो गांव में चर्चा आम हो गईं। जब योजना का लाभ पाने से वंचित रहे पात्र लोगों के कानों तक यह बात पहुंचीं तो उन्होंने शिकायतें शुरू कर दीं। प्रधानपति राजभान सिंह के साथ ही गांव के इतवारी लाल आदि ने अधिकारियों को पत्र भेजकर इस फर्जीवाड़े की शिकायत की। प्रशासन को बताया गया है कि गांव के कई 25 से 50 साल तक के लोग भी वृद्धावस्था पेंशन ले रहे हैं।
प्रधानपति और सचिव को भी नहीं पता
इस बारे में प्रधानपति राजभान सिंह और जमालपुर सचिव शिवसिंह मौर्य ने कहा कि उन्हें इस बारे में बिल्कुल नहीं पता कि आखिर इन लोगों की वृद्धावस्था पेंशन कैसे बन गई। न ही उनके किसी आवेदन पत्र पर उनके हस्ताक्षर हैं। लगता है कि जरूर किसी दलाल ने यह फर्जीवाड़ा किया है। इसकी जांच को उन्होंने भी अधिकारियों को लिखा है।
इसकी अपने स्तर से जांच कराएंगे। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। उन सभी के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई जाएगी, साथ ही उनसे रिकवरी की जाएगी।
-केबी सिंह, एसडीएम दातागंज
मई और जून माह में सभी पेंशन लेने वालों का सत्यापन होता है। इसके लिए शहरी क्षेत्र में निकाय और गांवों में ब्लॉक कर्मी सत्यापन करते हैं। उन्हीं की रिपोर्ट के आधार पर लाभार्थी को पेंशन दी जाती है। वृद्धावस्था पेंशन धारक को चार सौ रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। यदि जमालपुर में ऐसा फर्जीवाड़ा है तो वह भी जांच कराएंगे।
- राकेश चंद्र गुप्ता, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बदायूं