होमगार्ड की हत्या के मामले में संदिग्धों को दबोचकर पूछताछ
उघैती (बदायूं)। कस्बे में चोरी और होमगार्ड की हत्या के बाद दहशत फैल गई है। पुलिस अधिकारी भी चौकन्ने हो गए हैं। पुलिस ने शुक्रवार रात और शनिवार तड़के अभियान चलाकर अलग-अलग स्थानों से कुछ संदिग्ध दबोचे हैं। घटना के समय से ही एसपी देहात और सीओ बिल्सी थाने पर कैंप किए हुए हैं। उन्होंने पकड़े गए लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।
गुरुवार रात करीब ढाई बजे चार बदमाशों ने उघैती के मंगल बाजार में पिकेट ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड छत्रपाल सिंह यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी साथ ही प्लाटून कमांडर राजेंद्र पर भी फायरिंग की थी, पर नीचे झुकने के कारण उसकी जान बच गई थी। ये बदमाश कस्बे में चोरी करने आए थे। उन्होंने एक मकान और एक कंप्यूटर कोचिंग सेंटर को खंगाल लिया था। चोरी करके चारों बदमाश भाग रहे थे, तभी रोकने के दौरान उन्होंने होमगार्ड को गोली मारी थी। पुलिस ने राजेंद्र की ओर से अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। हत्या के बाद पुलिस ने आसपास गांव जाकर कुछ लोगों को पकड़ भी लिया। शुक्रवार रात धरपकड़ अभियान चलाया गया। इस दौरान कुछ चर्चित और कई मामलों में नामजद लोग पकड़े भी गए हैं। एसपी देहात डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह और सीओ बिल्सी इरफान नासिर खान उघैती थाने में कैंप किए हुए हैं। पकड़े गए लोगों से और चोरी वाले स्थानों पर जाकर पूछताछ की परंतु अभी तक पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
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बदमाशों की तलाश को छह टीमें गठित
उघैती। एसएसपी अशोक कुमार के अनुसार होमगार्ड मर्डर केस के खुलासे को एसपी देहात डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह को लगाया है, साथ ही इसके लिए छह टीमें भी गठित की गई हैं। दो टीमें थाने की हैं, बाकी एसओजी, सर्विलांस टीम भी लगाई गई है। सभी टीमों ने अपने-अपने इलाके में बदमाशों की खोजबीन शुरू कर दी है।
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बेटे ने दी होमगार्ड को मुखाग्नि, सीओ और इंस्पेक्टर रहे मौजूद
जरीफनगर (बदायूं)। बदमाशों की गोली से मारे गए होमगार्ड के पार्थिव शरीर को 11 वर्षीय बेटे ब्रजेश ने मुखाग्नि दी। होमगार्ड छत्रपाल जरीफनगर थाना क्षेत्र के ग्राम करियावैन के निवासी थे। शुक्रवार शाम गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद उनके पार्थिव शरीर को गांव लाया गया। तमाम होमगार्ड उनके गांव पहुंचे और परिवार वालों को सांत्वना दी। सीओ सहसवान मुन्नालाल और इंस्पेक्टर जरीफनगर पंकज लवानिया भी उनके गांव पहुंच गए। उसके बाद होमगार्ड के पार्थिव शरीर को उनके ही खेत पर ले जाया गया, जहां बड़े बेटे ब्रजेश ने मुखाग्नि दी। परिवार वालों और गांव के दर्जनों लोग, होमगार्ड, पुलिस कर्मियों ने नम आंखों से छत्रपाल को अंतिम विदाई दी।