उम्रकैद की सजा काट रहे जिला जेल की कैदी की इलाज के दौरान आगरा के मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। कैदी को बदायूं जेल से आगरा के मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
आठ जनवरी 2005 में अलापुर थाना क्षेत्र के म्याऊं ब्लाक में साधन सहकारी समिति के चुनाव के लिए पर्चे दाखिल के दौरान हुई फायरिंग में अलापुर के कोढागुजर निवासी अशोक और पप्पू की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में अलापुर थाने में विकास भारद्वाज, वशिष्ठ भारद्वाज, पतंजली भारद्वाज, इनके बेटे मोनू और चीनू भारद्वाज के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामला कोर्ट में चलने के बाद वशिष्ठ भारद्वाज और पतंजली भारद्वाज को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। इस बीच 28 सितंबर को जिला जेल में तबीयत खराब होने पर वशिष्ठ भाद्वराज को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां उसे कई दिन तक आइसीयू में रखा गया।
रविवार रात मेडिकल कॉलेज में उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर कैदी के परिवार वाले आगरा पहुंच गए हैं। जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि कैदी वशिष्ठ की तबियत काफी दिनों से खराब चल रही थी। 28 सितंबर को जेल प्रशासन की कस्टडी में कैदी को आगरा के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।