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रामवीर समेत दो के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज

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बरेली/ बिशारतगंज। रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति की लाश मिलने के चार दिनों बाद हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें बिशारतगंज थाने में खुदकुशी करने वाले रामवीर सिंह को नामजद करते हुए दो लोगों को शामिल किया गया है। हालांकि, अभी रामवीर की खुदकुशी मामले में कोई लिखा पढ़ी नहीं की गई है।
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18 जून को बिशारतगंज थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर एक युवक की लाश मिली थी। उसकी धारदार हथियार से हत्या की गई थी। हत्या के शक में 20 जून को बदायूं के हजरतपुर थाना क्षेत्र के चंगासी गांव निवासी रामवीर सिंह को पूछताछ के लिए बिशारतगंज थाने लाया गया था। जहां पूछताछ के दौरान रमवीर ने पुलिस और परिवार वालों के सामने हत्या की बात कबूल भी कर ली थी। पुलिस उसे जेल भेजती इससे पहले रविवार सुबह पौने सात बजे रामवीर ने बिशारतगंज थाना परिसर स्थित शौचालय में गमछे के सहारे फंदे पर लटककर जान दे दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की बात सामने आई थी।
जिस युवक की ट्रैक पर लाश मिली थी, उसके भाई की तहरीर पर रविवार रात बिशारतगंज थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। रिपोर्ट के मुताबिक रामवीर ने अपने साथियों संग मिलकर युवक की हत्या की थी। पुलिस के मुताबिक रामवीर के युवक की पत्नी से अवैध संबंध थे। दोनों रिश्तेदार थे और दोनों के बीच फोन पर बात होती थी। युवक को इसका पता लगने पर दोनों के बीच मनमुटाव हो गया था। इसी के चलते उसकी रामवीर ने हत्या कर दी। पुलिस रामवीर के थाने में आत्महत्या करने की बात स्वीकार रही है, लेकिन इस मामले में सोमवार देर शाम तक कोई लिखा पढ़ी नहीं की कई।
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परिजन वाले बोले-टार्चर करने पर रामवीर ने दी जान
दातागंज (बदायूं)। थाना हजतरपुर क्षेत्र के गांव चंगासी निवासी रामवीर के बरेली जिले के थाना बिशारतगंज के शौचालय में खुदकशी करने के बाद से गांव में सोमवार को सन्नाटा पसरा रहा। उसे हिरासत में लेकर पुलिस ने हत्या के खुलासे की जो कहानी गढ़ी है, वो किसी के गले नहीं उतर रही। मृतक के गांव के हर किसी की जुबान पर यही बात है कि रामवीर तो बेहद सीधा साधा था, उस पर किसी तरह का कोई आपराधिक मामला भी नहीं था। परिवार वालों का कहना है कि पुलिस के टार्चर करने पर ही उसने खुदकशी का कदम उठाया। परिजनों के मुताबिक बिशारतगंज में एक रिश्तेदार की रेलवे ट्रैक पर मिली लाश के मामले में हत्या के शक में पुलिस ने रामवीर को घर से उठा लिया था। पुलिस उसे इस तरह पकड़कर ले गई जैसे किसी शातिर अपराधी को ले गई हो।

पिता बोला- पुलिस ने दो परिवारों पर लगाया कलंक
रामवीर के पिता सत्यपाल अपने बेटे के इस दुनिया में नहीं होने से होशोहवास खो बैठे हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने हत्या के मामले को खोलने के लिए जो ड्रामा रचा उससे दो परिवारों के पवित्र रिश्तों पर भी कलंक लगा दिया है। बोले-पुलिस अब उनकी बेटी को ढाल बनाकर इस मामले को दफन करना चाहती है। बोले-पुलिस ने उनकी बेटी से कहा है कि अब दो परिवारों के लिए यह अच्छा होगा कि वह शांत होकर भूल जाएं।

गांव वालों की निगाह में रामवीर नहीं कर सकता हत्या
गांव वालों के मुताबिक रामवीर बेहद सीधा सादा इंसान था। खेतीबाड़ी करता था। उस पर किसी भी थाने में कोई मामला नहीं रहा है, तब बिशारतगंज पुलिस ने उसे इस तरह क्यों उठाया जिसे बाद में आत्महत्या को मजबूर होना पड़ा। निश्चित तौर पर पुलिस ने उसे हत्या की बात कबूल करने को मजबूर किया होगा। जिसकी वजह से उसने यह कदम उठाया। ग्रामीण बोले कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच हो और सभी दोषी पुलिस वालों पर कड़ा एक्शन हो।

...किस आधार पर पुलिस ने कहा-रामवीर ने दी हत्या की सुपारी
- देखा जाए तो पूरे मामले में थाना बिशारतगंज पुलिस अपने ही बुने जाल में घिर गई है। पुलिस ने यह भी कहा है कि रामवीर ने हजरतपुर में रहने वाले दो कंजड़ों को अपनी रिश्तेदार युवती के पति को मारने के लिए 30 हजार की सुपारी दी। हजरतपुर में लगने वाले बाजार मालिक धर्मपाल सिंह कहते हैं कि उनके यहां पर मूलरूप से अलापुर के रहने वाले दो कंजड़ रहते हैं जिनमें एक की आयु 70 तो दूसरे की 75 साल होगी। दोनों ही यहां पर मोची का काम करते हैं। इन दोनों का भी कहना है कि उनका किसी से कोई विवाद तक नहीं है।
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