बदायूं। रेलवे स्टेशन पर बेवजह यात्रियों को परेशान करने के मामले में जीआरपी थाना एसओ पर गाज गिर गई है। उन्हें यहां से हटाकर उझानी चौकी प्रभारी बनाया गया है, साथ ही आईजी, रेलवे के आदेश पर उनके खिलाफ जांच भी शुरू हो गई है। उनके स्थान पर चंदौसी से स्थानांतरित होकर आए सब इंस्पेक्टर को जीआरपी थाने का चार्ज दिया गया है।
कुछ दिन से रेलवे स्टेशन पर जीआरपी थाना पुलिस खाकी वर्दी को बदनाम कर रही थी। करीब दो सप्ताह के अंतराल में दो प्रेमी युगल पकड़े गए। गिड़गिड़ाने पर उन्हें रुपये लेकर छोड़ा गया। एक सरकारी कर्मचारी अपने मकान मालिक को छोड़ने रेलवे स्टेशन गया था तो उसे गेट पर ही पकड़ लिया गया। रात 11 बजे उसका जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। उसके बाद पूरी रात जीआरपी थाने में बैठाए रखकर अगले दिन सुबह 11 बजे उसे छोड़ा गया। इसी तरह बरेली से लौट रहे एक सरकारी कर्मचारी को रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया गया। उसे सीट पर बैठने मात्र से डराया धमकाया गया कि उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जबकि उसके पास एमएसटी भी थी। उसे भी रात भर थाने में बैठाए रखा। इन मामलों की शिकायत आईजी रेलवे लखनऊ विजय प्रकाश के पास पहुंची थीं। अमर उजाला ने भी इन्हें प्रमुखता से छापा था। इस पर उन्होंने तुरंत जांच शुरू करा दी, साथ ही परिक्षित शर्मा को जीआरपी थाने से हटा दिया गया। उन्हें उझानी रेलवे स्टेशन पर स्थित चौकी भेजा गया है। चंदौसी से ट्रांसफर होकर आए सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार को जीआरपी थाने का चार्ज दिया गया है।