दलाली करते रंगे हाथों पकड़ा गया पूर्व राज्यमंत्री का कथित भतीजा
जिला अस्पताल के पर्चे पर मुहर लगवाने के ले रहा थ डेढ़ सौ रुपये
सीएमओ ने पुलिस के हवाले किया, पूर्व राज्यमंत्री से बात करने पर छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिला अस्पताल में कमीशनखोरी को लेकर अक्सर तीमारदारों और दलालों के बीच कहासुनी होती रहती है। जिला प्रशासन से लेकर शासन तक इसकी शिकायतें पहुंच चुकी हैं। मगर जिला अस्पताल कर्मियों की मिलीभगत के चलते दलाल अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में पर्चे पर मुहर लगवाने के नाम पर वसूली करने वाले एक युवक को रंगेहाथ पकड़ लिया गया, जो खुद को एक पूर्व राज्यमंत्री का भतीजा बता रहा था।
एंटी रैबीज को लेकर हंगामे की सूचना मिलने पर बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा जिला अस्पताल पहुंचे थे। दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव सकतपुर निवासी चेतराम की मां सुरजा देवी पिछले कई दिनों से जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हैं। उन्हें क्षयरोग की शिकायत है। बुधवार सुबह सुरजा देवी के सीने का एक्स-रे कराने लिए डॉक्टर ने पर्ची लिखी। चेतराम अपनी मां को एक्स-रे रूम में ले गए। वहां मौजूद कर्मचारी ने पर्चें पर अस्पताल की मुहर न देखकर लौटा दिया। चेतराम मुहर लगवाने के लिए अस्पताल की ओपीडी में भटक रहे थे। तभी उन्हें एक युवक मिला, जिसने पर्च पर मुहर लगाने का भरोसा दिया। मुहर लगाने के बदले उसने 150 रुपये मांगे। चूंकि एक्स-रे कराने थे, इसलिए उन्होंने 150 रुपये निकालकर दे दिए। उस युवक के हाथ में मुहर लगाने के लिए कुछ अन्य मरीजों के पर्चें भी थे। तभी चेतराम को भाकियू नेता उझानी निवासी राधाकृष्ण मिल गए। उन्होंने बताया कि अस्पताल में एक रुपये के पर्च को छोड़कर किसी काम के पैसे नहीं जाते हैं। भाकियू नेता दलाल को पकड़कर सीएमएस के कार्यालय में ले गए। जहां पहले से बैठे सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा ने पूरा मामला सुनने के बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस के पूछताछ करने पर आरोपी ने खुद को शहर के पटेल नगर निवासी और एक पूर्व राज्यमंत्री का भतीजा बताया। उसने मोबाइल पर पूर्व राज्यमंत्री से पुलिस वालों की बात भी कराई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी युवक को हिदायत देकर मौके पर ही छोड़ दिया।
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वर्जन..............
दलाली का एक मामला सामने आया था। मौके पर पकड़े गए आरोपी युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया। युवक के माफी मांगने पर पुलिस ने छोड़ दिया।
- डॉ.नेमी चंद्रा, सीएमओ
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आरोपी को सीएमओ ने छुड़वा दिया था। उन्होंने मामले की खुद जांच कराने की बात कही थी।
- सत्य सिंह, एसआई, कोतवाली