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एक डॉक्टर ऐसा भी, शरीर में छर्रे डालकर बना देता था केस

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बदायूं। बंगाली झोलाछाप डॉ. सुदीप विश्वास पिछले छह सालों से लोगों को जानलेवा हमले के फर्जी मामले में जेल भिजवा रहा था। पुलिस के मुताबिक, उसने ऑपरेशन करके व्यक्ति के शरीर में छर्रे डालने का गुर अपने चाचा दीपांकर विश्वास से सीखा था। फर्जी मामलों में लोगों को जेल भिजवाने का खेल डॉ. विश्वास का भाई भी करता है। सुदीप का चाचा इस्लामनगर इलाके के गांव मिर्जापुर और भाई विजय सिंह संभल के बहजोई थाना क्षेत्र में क्लीनिक चलाते हैं।
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आरोपी सुदीप विश्वास मूलरूप से पश्चिमी बंगाल के जिला नदिया के कुशग्राम का रहने वाला है। यहां आने के बाद उसने अपने चाचा दीपांकर विश्वास के पास रहकर डॉक्टरी का काम सीखा। इसी दौरान उसने ऑपरेशन से लोगों के शरीर में छर्रे डालना सीखा था। करीब छह साल पहले उसने सहसवान थाना क्षेत्र के गांव कोठा में क्लीनिक खोली थी। कुछ दिन बाद ही उसने लोगों के शरीर में छर्रे डालना शुरू कर दिए। उसकी इस जालसाजी में अंबियापुर गांव का भगवान सिंह भी शामिल हो गया। वह विरोध पक्ष के लोगों को झूठे मामले में फंसाने वालों को तलाशता था। भगवान सिंह के कहने पर झोलाछाप सुदीप उस व्यक्ति के शरीर में ऑपरेशन करके छर्रे डाल देता था। मगर एक ही व्यक्ति के शरीर में दो बार छर्रे डालने से सुदीप का खेल बिगड़ गया।
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एक छर्रे की फीस एक हजार रुपये
सुदीप किसी भी व्यक्ति के शरीर में एक छर्रा डालने के एक हजार रुपये लेता था। जख्म ताजा दर्शाने के लिए मुर्गा या बकरे का खून लगाता था। छर्रे डलवाने वाला व्यक्ति थाने जाकर विरोधी पक्ष के खिलाफ गोली मारने की झूठी शिकायत करता था। पुलिस जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद आईपीसी की धारा 307 व 354 में रिपोर्ट दर्ज कर लेती थी।
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मेडिकल स्टोर होगा सीज
झोलाछाप सुदीप किसी के शरीर में छर्रे डालने से पहले नशे का इंजेक्शन लगाता था। ऑपरेशन के दौरान वह छर्रे डलवाने वाले व्यक्ति की आंखों पर पट्टी बांध देता था। सहसवान सीओ इरफान नासिर खान ने बताया कि सुदीप नशे के इंजेक्शन एक मेडिकल स्टोर से खरीदता था। इसे सील कराने के लिए सीएमओ को रिपोर्ट भेजी गई है।
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छह सालों के 307 और 354 के मामले खंगाल रही पुलिस
सुदीप से अधिकतर बजीरपुर, चंद्रपुरा, अंबियापुर और नवाबगंज समेत पांच गांवों के लोग इलाज कराते थे। सीओ इरफान नासिर के मुताबिक सुदीप ने अधिकतर इन्हीं गांवों के लोगों के शरीर में गोली के छर्रे डाले थे। इन गांवों में पिछले पांच सालों में हुए 307 व 354 के मुकदमों को खंगाला जा रहा है। अगर कोई मामला झूठा पाया जाता है तो झूठी रिपोर्ट लिखाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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फर्जी तरीके से किसी व्यक्ति के शरीर में गोली के छर्रे डालने का मामला बेहद गंभीर है। इसमें आरोपी डॉक्टर के अलावा झूठी रिपोर्ट लिखाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरोपी सुदीप का पूरा नेटवर्क खंगाला जा रहा है। इसमें जो भी शामिल होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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-डॉ. एसपी सिंह, एसपी देहात
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