बदायूं। लगातार नौ बार निर्देश का पालन न करने पर एसएसपी ने शनिवार को एसओ उघैती और एसआई को लाइन हाजिर कर दिया था। जिले के कई और थानेदारों पर भी बेअंदाज होकर काम करने का आरोप है। अब भाकियू ने एसओ इस्लामनगर के खिलाफ निष्क्रियता का आरोप लगाकर शिकायत की है। कहा है कि जायज मामलों में भी वह कार्रवाई नहीं कर रहे। एसपी देहात डॉ. एसपी सिंह ने सीओ बिल्सी को उनकी भूमिका की जांच सौंप दी है।
भाकियू के मंडल अध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह, जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह आदि ने एसपी देहात को बताया कि दस दिसंबर को थाना क्षेत्र में एक किशोरी से छेड़छाड़ की घटना हुई थी। किशोरी रिपोर्ट लिखाने थाने गई तो एसओ ने उसे फटकार कर भगा दिया, जबकि किशोरी के पिता का ही शांतिभंग में चालान कर दिया। अगले दिन किशोरी एसएसपी से मिली। एसएसपी ने आदेश दिए, तो भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। बताया कि किसान नेता पैरवी में गए तो एसओ ने उन्हें भी फटकार कर भगा दिया। उन्हें बताया कि वह पड़ोसी जिले की एक राज्यमंत्री के रिश्तेदार हैं। जिन लोगों ने लड़की के साथ छेड़छाड़ की उनका चाल चलन खराब है। वह पहले भी ऐसी घटनाएं कर चुके हैं पर एसओ ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की है। बताया कि राजपुर रोशननगर में चौराहे के पास अमरपाल की पैतृक भूमि पर कब्जा कराने में भी एसओ की भूमिका रही। डीएम से शिकायत पर खुद मजिस्ट्रेट ने आकर निर्माण रुकवाया पर एसओ पर कार्रवाई नहीं की गई। बताया कि चंदोई में एक साथ दो कत्ल होने की रिपोर्ट भी नहीं लिखी गई। भाकियू नेताओं ने कहा कि कोई अधिकारी निष्पक्षता से जांच करे तो संगठन एसओ की कमियों के प्रमाण पेश करेगा। एसपी देहात ने उन्हें बताया कि वह सीओ बिल्सी को एसओ की जांच सौंप रहे हैं। वह उन्हीं को साक्ष्य दे दें। एसओ का दोष मिलेगा तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।