उझानी/कछला। स्नान के बहाने गंगा में कूदकर जान देने के लिए कछला घाट पर पहुंची एक छात्रा को लोगों ने बचा लिया। वह अकेली थी। उसे टीले के पास खड़ा देखकर घाट पर मौजूद लोगों में एक शख्स उसकी ओर दौड़ पड़ा। छात्रा ने हालांकि उससे छूटकर भागने का प्रयास किया। बाद में उसने रोते-रोते लोगों को बताया कि वह आत्महत्या करना चाहती है। घरवाले नहीं चाहते कि वह बीए की परीक्षा देने जाए।
मामला रविवार दोपहर बाद का है। गंगाघाट पर करीब 22 वर्षीय एक युवती पहुंची। वह सलवार-सूट पहने थी लेकिन न तो उसके पास थैला था, न ही कोई ऐसी चीज जिसे देखकर कहा जा सके कि वह गंगा स्नान के लिए आई हो। काफी देर तक तख्त पर बैठे रहने के बाद वह अचानक ही तेजी से गंगा में आगे बढ़ते हुए टीले पर चढ़ गई। आकाश नामक युवक की नजर उस पर पड़ी तो वह युवती की ओर दौड़ पड़ा। घाट पर मौजूद लोग भी उसके पीछे चल पड़े। युवक को देख उसने जैसे ही टीले से छलांग लगाने की कोशिश की, युवक ने उसे पीछे से पकड़ लिया।
गंगाघाट के दुकानदारों समेत लोगों को उसने रोते-रोते बताया कि वह कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। बीए फाइनल की परीक्षा देने को उसने प्राइवेट फॉर्म भरा था लेकिन घरवाले नहीं चाहते कि घर से निकलकर परीक्षा देने जाए। घरवालों के विरोध करने की वजह तो उसने किसी को नहीं बताई लेकिन लोगों की मानें तो अगर युवक की नजर उस पर नहीं पड़ती तो युवती मौत को गले लगा चुकी होती। सूचना के बाद उसके घरवाले भी गंगाघाट पर पहुंच गए। बाद में वह उसे अपने साथ घर लेकर चले गए।