स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट पंकज कुमार अग्रवाल ने दहेज हत्या में नामजद पति और सास को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कड़ी कैद सहित 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम जमा होने पर बतौर मुआवजा 50 फीसदी वादी को देने का आदेश भी दिया है।
दहेज हत्या की वारदात थाना दातागंज के गांव ब्राह्मपुर में 24 मई 2011 को हुई थी। गांव ननाई भुड़िया निवासी वादी गंगाप्रसाद पुत्र केदार ने 26 मई 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी पुत्री नीरज का विवाह राजवीर पुत्र सोहनलाल के साथ किया था। दिए गए दान दहेज से उसकी पुत्री के ससुराल वाले खुश नहीं थे और दहेज में 50 हजार रुपये की मांग करते थे। उसकी पुत्री नीरज ने उसे बताया कि उसका पति राजवीर और सास चमेली उसको मारपीट कर प्रताड़ित करते हैं। वादी गंगाप्रसाद ने अपनी पुत्री के ससुराल वालों को 20 हजार नकद दे दिए, फिर भी उसकी पुत्री को बाकी रुपये लाने को परेशान करते थे। 24 मई को वादी की पुत्री नीरज को उसके पति, सास ने जबरदस्ती जहरीला पदार्थ पिला दिया। उसे जब सूचना मिली तो वह अपनी पुत्री को बरेली इलाज को ले गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद दहेज हत्या में नामजद पति राजवीर और सास चमेली को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कड़ी कैद सहित 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।