बदायूं। अलापुर क्षेत्र के कस्बा ककराला में शनिवार रात बड़ी वारदात हो गई। एक बदमाश और उसके दोस्त के पकड़े जाने के बाद उसके परिवार और रिश्तेदारों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। पुलिस टीम के साथ मारपीट की और पथराव कर दिया। एक सिपाही की इंसास राइफल लूट ली। सिपाही ने एक घर में घुसकर जान बचाई। उसके गंभीर चोटें आईं हैं।
कस्बा ककराला निवासी फूल मियां नामी बदमाश हैं। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। शनिवार शाम पुलिस को सूचना मिली कि फूल मियां अपनी भांजी की शादी में शामिल होने कस्बा आया हुआ है। इस पर ककराला चौकी इंचार्ज अमित कुमार, सिपाही अशोक कुमार भदौरिया, राजेंद्र, सुमित और ओमप्रकाश बाइक लेकर देर शाम फूल मियां को पकड़ने पहुंचे। बताते हैं कि उस समय फूल मियां और उसका दोस्त कार में बैठे थे। पुलिस टीम ने घेरकर उन्हें पकड़ लिया। पुलिस दोनों को बाइक पर बैठाकर चौकी ले गई, लेकिन मौके पर सिपाही अशोक कुमार भदौरिया और ओमप्रकाश रह गए। दोनों कार ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि उसी समय फूल मियां के परिवार वालों और रिश्तेदारों ने उन पर हमला बोल दिया। उनके साथ मारपीट की। सिपाही ओमप्रकाश बचकर पुलिस चौकी की ओर भागे। वहीं लोगों ने अशोक कुमार भदौरिया को पथराव करके घायल कर दिया। उसकी इंसास राइफल लूट ली। कार भी छीन ली। सिपाही अपनी जान बचाने के लिए पड़ोस के एक घर में छिप गया। तब तक थाने से पुलिस बल पहुंच गया। सीओ दातागंज अंबिका प्रसाद और उनके बाद एसपी सिटी प्रवीण चौहान पहुंच गए। कस्बे में पुलिस तैनात कर दी गई है। सभी लोग फरार बताए जा रहे हैं। देर रात तक हमलावरों का कुछ पता नहीं चला।
आपराधिक घटनाओं के लिए बदनाम हैं ‘मियां भाई’
ककराला (बदायूं)। ककराला के वार्ड नंबर नौ निवासी मियां और उसका भाई हसरत ‘मियां भाई’ के नाम से जाने जाते हैं और आपराधिक मामलों में बदनाम हैं। उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। ये लोग अक्सर दूसरे इलाकों में जाकर घटनाओं को अंजाम देते हैं। जब भी ये लोग ककराला में कदम रखते हैं कि पुलिस चौकन्नी हो जाती है। शनिवार रात एक भाई तो पकड़ गया, लेकिन उसके परिवार वालों ने अपना असर दिखा दिया। पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया।
वार्ड नंबर नौ निवासी फूल मियां के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। उसके बड़े भाई हसरत को एक महीने पहले ही पुलिस ने पकड़ा था। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया, लेकिन कुछ दिन बाद उसे जमानत मिल गई। इस समय वह ककराला में मौजूद नहीं बताया जा रहा है। फूल मियां भी दिल्ली में था। रविवार को उसकी भांजी की शादी है। उसके घर से कुछ दूरी पर उसकी बहन का घर है। शनिवार को फूल मियां इसी शादी में शामिल होने आया था। उसके दिल्ली के कुछ दोस्त भी आए थे। शनिवार देर शाम पुलिस को उसके यहां आने की सूचना मिली थी। मौके पर दबिश देकर पुलिस ने फूल मियां और उसके दोस्त को दबोच भी लिया, लेकिन मौके पर रह गए दो सिपाहियों पर उसके परिवार वालों और रिश्तेदारों ने हमला बोल दिया। अगर सिपाही दौड़कर एक घर में नहीं छिपता तो उसकी जान जा सकती थी।
कुछ ही देर में गलियों में पसर गया सन्नाटा
- पुलिस टीम पर हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। कुछ ही देर में वार्ड नंबर नौ छावनी बन गया। आरोपी फूल मियां के परिवार वाले और रिश्तेदार तक अपने-अपने घरों से भाग गए। इस मामले के बाद मोहल्ले के लोग तक घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं और न ही कोई इसकी जानकारी दे रहा है।
एक नेता ने बरामद कराई राइफल
- इंसास रायफल लुटने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस आरोपियों और राइफल की तलाश में जुट गई। वहीं हमलावरों ने किसी तरह लूटी गई राइफल एक नेता तक पहुंचा दी। उसी नेता ने पुलिस को राइफल बरामद कराई है। उन्हें पता था कि मारपीट से ज्यादा राइफल लुटने का मामला बड़ा हो जाएगा। इससे नेता के जरिये पुलिस तक राइफल पहुंचाई गई।
- पुलिस को कस्बे में फायरिंग की सूचना मिली थी। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सिपाही की राइफल बरामद हो गई है। जिन लोगों ने पुलिस पर हमला बोला है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। शेष लोगों को तलाश किया जा रहा है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - संकल्प शर्मा, एसएसपी
घायल सिपाही से बात करते एसपी सिटी। संवाद- फोटो : BADAUN